बड़ा बदलाव: 95 साल बाद बदला निगम अकाउंट कोड, अब जनता भी देखेगी हर पैसे का हिसाब
करोड़ों का हिसाब-किताब होगा ऑनलाइन, 2026 से नए नियमों पर बनेगा बजट, भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम

Gurugram News Network – हरियाणा के शहरी इलाकों में अब पैसों का हिसाब-किताब और भी ज़्यादा पारदर्शी होगा। करीब 95 साल बाद, हरियाणा सरकार ने नगर निगमों के खातों के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब निगमों का हर पैसा ऑनलाइन दर्ज होगा, और आम जनता भी उसे देख सकेगी। यह कदम सरकार और जनता के बीच भरोसा बढ़ाने का काम करेगा।
- हर लेनदेन ऑनलाइन: अब नगर निगमों में जो भी पैसा आएगा या खर्च होगा, उसका पूरा हिसाब एक ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होगा। इससे पहले यह प्रक्रिया ज़्यादातर कागज़ पर होती थी।
- जनता की सीधी नज़र: इस ऑनलाइन सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई भी नागरिक कभी भी निगम के आय और खर्च का ब्योरा देख पाएगा। इससे जनता को पता चलेगा कि उनके टैक्स का पैसा कहाँ और कैसे इस्तेमाल हो रहा है।
- भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम: जब सभी लेनदेन सार्वजनिक होंगे, तो गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जाएगी। लोग आसानी से किसी भी अनियमितता को पकड़ पाएंगे।
यह पारदर्शिता सिर्फ एक-दो विभागों तक सीमित नहीं रहेगी। नगर निगम के सभी ज़रूरी विभाग
- इंजीनियरिंग विंग: जो विकास कार्य और प्रोजेक्ट संभालते हैं।
- संपत्ति कर विंग: जो टैक्स इकट्ठा करते हैं।
- योजनाकार विंग: जो शहर के विकास की योजनाएं बनाते हैं। इन सभी के वित्तीय लेनदेन और संबंधित डेटा को ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा।
मुख्यालय से भी होगी निगरानी
यह नई व्यवस्था सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राज्य मुख्यालय स्तर पर भी काम करेगी। चंडीगढ़ में बैठे वरिष्ठ अधिकारी भी ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए निगमों के वित्तीय कामकाज पर सीधी नज़र रख पाएंगे। इससे पैसों का सही तरीके से इस्तेमाल हो यह सुनिश्चित होगा और गलतियों या अनियमितताओं का पता लगाना आसान हो जाएगा। पुरानी और जटिल प्रक्रियाओं की जगह अब नई और आसान प्रणालियां लागू होंगी, जिससे काम तेज़ी से और बेहतर तरीके से हो पाएगा।
इस बदलाव का आखिरी चरण 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा। इसी तारीख से नगर निगमों का सालाना बजट नए अकाउंट कोड के हिसाब से तैयार किया जाएगा और लागू होगा। हालांकि सरकार ने नए नियम लागू करने के निर्देश दे दिए हैं, लेकिन निगम अधिकारियों का कहना है कि इसे पूरी तरह से लागू होने में समय लगेगा। सभी अधिकारियों को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी और इसके अनुरूप सिस्टम तैयार किया जाएगा।
प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम ने कहा: “हरियाणा म्यूनिसिपल अकाउंट कोड में संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी कर दी है। यह एक ऐसा कदम है, जो पारदर्शिता और जवाबदेही के नए युग की शुरुआत करेगा।”












