Big Action : DLF Phase 3 में अवैध पीजी के 150 से ज्यादा फ्लैट सील, स्टिल्ट प्लस 4 इमारतों के अंदर चला बुलडोज़र

Big Action : गुरुग्राम में गुरुवार को डीटीपी विभाग ने अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है । नाथूपुर इलाके में कई ईमारतों के 150 से ज्यादा फ्लैट्स को सील कर दिया गया तो वहीं स्टिल्ट प्लस 4 बिल्डिंगो के अंदर बनाए गए अवैध कमरों को भी बुलडोज़र के सहारे ध्वस्त कर दिया गया । पीजी में रह रहे लोगों को केवल कुछ ही मिनटों का समय दिया गया और बड़ी बड़ी बिल्डिंगों को सील कर दिया गया । डीटीपी अधिकारी अमित मधोलिया का कहना है कि किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के डीटीपीई अमित मधोलिया के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को डीएलएफ फेज-3 में अवैध निर्माणों और रिहायशी भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के विरूद्ध बड़े स्तर पर रेस्टोरेशन एवं एनफोर्समेंट अभियान शुरू कर दिया। दोपहर करीब 12 बजे डीटीपीई के नेतृत्व में पुलिस एवं जिला प्रशासन की सहायता से एस-ब्लॉक, नाथूपुर रोड से अभियान की शुरुआत की गई ।
अभियान के दौरान विभाग ने कई अवैध होटल (Hotel), अस्पताल (Hospital), पीजी (PG), कार्यालय (Office), ब्यूटी पार्लर (Beauty Parlour) तथा स्टिल्ट पार्किंग (Stilt Parking) में किए गए अवैध निर्माणों के विरूद्ध सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। विभागीय टीम ने प्लॉट नंबर नाथूपुर रोड-5 पर संचालित अवैध होटल मूनलाइट को सील किया, जबकि नाथूपुर रोड-45 स्थित अवैध अस्पताल द मेडिसिटी को भी सील कर दिया गया। प्लॉट नंबर नाथूपुर रोड-2 पर संचालित अवैध व्यावसायिक कार्यालय को भी सील किया गया । (Gurugram News)
150 से ज्यादा फ्लैट्स सील
सबसे बड़ी कार्रवाई एस-23/1 स्थित अमलतास अपार्टमेंट्स नामक इमारत पर हुई जहां 48 कमरों वाले अवैध पीजी को पूरी तरह सील कर दिया गया। इसी प्रकार एस-24/1 में बेसमेंट में संचालित ब्यूटी पार्लर तथा ऊपरी मंजिलों पर बने 25 कमरों वाले पीजी को सील किया गया। एस-24/9 पर चार मंजिलों में संचालित अवैध पीजी जिसमें कुल 72 कमरे थे को भी सील कर दिया गया।
प्लॉट नंबर एनआर-38 पर संचालित प्रिस्टिन केयर क्लिनिक द्वारा साइड सेटबैक पर किए गए अवैध निर्माण को जेसीबी की सहायता से हटाया गया। वहीं एस-23/5 पर स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए अवैध कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहली बार डीएलएफ फेज-3 में स्टिल्ट क्षेत्र के भीतर जेसीबी मशीन ले जाकर अवैध निर्माण तोड़ा गया। (Haryana News)
एस-24/3 में स्टिल्ट फ्लोर पर बनाए गए ड्राइंग रूम और पीछे के सेटबैक को कवर कर किए गए निर्माण को सील किया गया। एस-24/4 पर बने छह अवैध सर्वेंट क्वार्टर और एक लीजर रूम को सील किया गया जबकि एस-24/5 पर बने पांच अवैध सर्वेंट क्वार्टरों को भी सील कर दिया गया।
एस-25/1 पर स्टिल्ट में संचालित बुटीक को ध्वस्त किया गया तथा पीछे के सेटबैक में बनी शेड को जेसीबी से हटाया गया। यहां स्टिल्ट फ्लोर पर बने छह और टैरेस फ्लोर पर बने तीन अवैध क्वार्टरों को सील किया गया। इसके अलावा अवैध एंट्री रैंप भी तोड़ दिए गए। एस-25/8 में सेटबैक क्षेत्र में बने पांच सर्वेंट क्वार्टर और स्टिल्ट में संचालित इंटीरियर डिजाइनर कार्यालय को सील किया गया। (Gurugram News)
अभियान के दौरान राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई। दो प्लॉटों के सामने लगाए गए अवैध ग्रिल हटाए गए तथा चार गार्ड रूमों को ध्वस्त कर सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
डीटीपीई अमित मधोलिया ने बताया कि ये कार्रवाई की शुरुआत डीएलएफ फेज तीन से की गयी हैं । यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में की जा रही है और डीएलएफ फेज एक से पांच में अवैध निर्माणों तथा नियमों के विरुद्ध संचालित गतिविधियों के विरूद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।