Gurugram में 200 करोड़ के GST फ्रॉड का खुलासा, CA समेत चार लोग गिरफ्तार

GST : केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) आयुक्तालय, गुरुग्राम ने करीब 200 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कर-अपवंचन विरोधी (Anti-Evasion) प्रभाग ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी कंपनियां बनाकर बिना वास्तविक सामान की आपूर्ति के फर्जी बिल जारी कर सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहा था।
फर्जी कंपनियां बनाकर किया गया करोड़ों का खेल
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने कई शेल (फर्जी) कंपनियां बनाईं और उनके माध्यम से बिना किसी वास्तविक व्यापारिक गतिविधि के फर्जी इनवॉइस तैयार किए। इन फर्जी बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ लिया गया, जिससे राष्ट्रीय राजकोष को लगभग ₹200 करोड़ का नुकसान हुआ।
पूर्व सह-संस्थापक और चार्टर्ड अकाउंटेंट गिरफ्तार
इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में ऑटो सर्विस सेक्टर की एक प्रसिद्ध कंपनी के दो पूर्व सह-संस्थापक और दो चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इन लोगों ने अपनी वित्तीय विशेषज्ञता का उपयोग कर कथित रूप से इस फर्जी ITC नेटवर्क को संचालित किया।
14 दिन की न्यायिक हिरासत
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट, गुरुग्राम की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जांच जारी
जांच एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य व्यक्तियों, कंपनियों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
