Gurugram में 130 करोड़ का टॉवर ऑफ जस्टिस तैयार, जानें कब से शुरू होगी अदालतों में सुनवाई
PWD ने सरकार से मांगा उद्घाटन का समय, 130 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ आधुनिक परिसर

Gurugram : लघु सचिवालय के समीप निर्माणाधीन बहुप्रतीक्षित ‘टॉवर ऑफ जस्टिस’ का इंतजार अब खत्म होने वाला है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने परियोजना के अंतिम चरण का काम तेज कर दिया है और इसके भव्य उद्घाटन के लिए राज्य सरकार से समय मांगा है। उम्मीद जताई जा रही है कि गर्मियों की छुट्टियों के बाद न्यायाधीश और वकील इस नए और आधुनिक परिसर में शिफ्ट हो जाएंगे।
इस परियोजना की नींव वर्ष 2017 में रखी गई थी। शुरुआत में इसका लक्ष्य 2020 तक निर्माण पूरा करना था, लेकिन समय के साथ प्रोजेक्ट की रूपरेखा में बड़े बदलाव किए गए। टॉवर में स्वचालित सीढ़ियाँ (Escalators) और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाओं को जोड़े जाने के कारण बजट 79 करोड़ रुपये से बढ़कर 130 करोड़ रुपये हो गया। बजट आवंटन में हुई देरी के कारण काम की गति कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब यह अपने अंतिम स्वरूप में है।
वर्तमान अदालत परिसर में जगह की भारी किल्लत के कारण अधिवक्ताओं और वहां आने वाले वादियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गुरुग्राम के करीब 12 हजार अधिवक्ताओं को लंबे समय से इस टॉवर के चालू होने का इंतजार है।
नई इमारत की मुख्य विशेषताएं:
आधुनिक सुविधाएं: परिसर में एडमिन ब्लॉक, लॉ चैंबर और ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स की सुविधा।
पार्किंग समाधान: अंडरग्राउंड और मल्टीलेवल पार्किंग से जाम की समस्या सुलझेगी।
स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: स्वचालित सीढ़ियों के साथ आधुनिक सुरक्षा उपकरण।
PWD विभाग के अनुसार, मुख्य इमारत और अंडरग्राउंड पार्किंग का सिविल वर्क लगभग पूरा हो चुका है। अब केवल फिनिशिंग का काम बाकी है, जिसके लिए टीमों की संख्या बढ़ा दी गई है। विभागीय योजना के अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए गर्मियों की छुट्टियों के बाद अदालतों को यहाँ स्थानांतरित करने की संभावना सबसे प्रबल है।
टॉवर ऑफ जस्टिस में फाइनल टच का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। हमने निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त टीमें लगाई हैं। भवन के उद्घाटन के लिए सरकार को पत्र लिखकर समय मांगा गया है, तिथि तय होते ही इसे सुपुर्द कर दिया जाएगा।”
चरणजीत सिंह राणा, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी विभाग