Success Story: पिता के साथ मजदूरी करी, बकरियाँ भी चराई, 7 बार फेल होकर आठवीं बार में बड़ा अफसर बना राजस्थान का लड़का
UPSC Story: वह व्यक्ति राजस्थान का रामभजन है। रामभजन बचपन से ही दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते थे। वह बकरियां चराया करता था। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की और अब वह अधिकारी बन गए हैं। रामभजन ने परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी और लक्ष्य प्राप्त होते ही संन्यास ले लिया।

Success Story: वह व्यक्ति राजस्थान का रामभजन है। रामभजन बचपन (UPSC Success Story) से ही दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते थे। वह बकरियां चराया करता था। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) पास की और अब वह अधिकारी बन गए हैं। रामभजन ने परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी और लक्ष्य प्राप्त होते ही संन्यास ले लिया।
पढ लिख कर बड़ा आदमी बनूँगा!
अपने संघर्ष में रामभजन सात बार लोक सेवा परीक्षा में असफल हुए। लेकिन उनका जुनून बरकरार है। इसी जुनून ने उन्हें अफसर बना दिया। आठवें प्रयास में रामभजन लोक सेवा परीक्षा में 667वीं रैंक हासिल करने में सफल रहे। रामभजन ने खुद को दौसा जिले के बापी गांव का निवासी बताया। यहां से उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल में की। इस दौरान वह अपनी पढ़ाई को लेकर हमेशा गंभीर रहे। वह पढकर बड़ा आदमी बनना चाहता था।
दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल पद भर्ती में चयन
12वीं कक्षा के बाद रामभजन ने दिल्ली पुलिस में पुलिस पद पर भर्ती के लिए आवेदन किया। बाद में उन्हें मानदंडों के अनुसार दिल्ली पुलिस में चुना गया। इस दौरान रामभजन ने पुलिस में स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई की। रामभजन ने खुद को दौसा जिले के बापी गांव का निवासी बताया। रामभजन के पिता की मृत्यु कोरोना में हो गई थी । रामभजन अपने बचपन को संघर्ष से भरा बताते हैं। बचपन में उनके बापी गांव में ईंट और चूना पत्थर के भट्टे हुआ करते थे।
पिता संग मजदूरी, बकरियाँ चराई, आखिर जागी किस्मत
उनके पिता कन्हैयालाल यहां मजदूरी करते थे। इस बीच, वह अपने माता-पिता के साथ काम पर भी गए। वहाँ भी वह अक्सर उनकी मदद करता था। रामभजन भी बकरियां चराने जाता था। राम भजन ने कई वर्षों तक दिल्ली पुलिस में नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी की। उनके सात प्रयास असफल रहे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अंततः आठवें प्रयास में उन्होंने यूपीएससी लोक सेवा परीक्षा 2022 पास कर ली और 667वीं रैंक हासिल की।