Petrol Diesel Price : क्या भारत में महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल ? तेल संकट पर पीएम मोदी के बयान ने बढ़ाई देश की धड़कन

Petrol Diesel Price : ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते दुनियाभर में तेल-गैस को लेकर संकट की स्थिति चल रही है ऐसे में भारत पर इसका आंशिक असर पड़ा है । तो वहीं रोज़ाना बढ रहे कच्चे तेल के दामों के बाद भारत में ये कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या भारत में भी पेट्रोल डीजल के दामों में इजाफा होगा । चूंकि वैश्विक अस्थिरता के चलते भारत में तेल कंपनियों को रोज़ाना हज़ारों करोड़ो रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है, फिर भी भारत में पेट्रोल डीजल के दाम नहीं बढ़ रहे हैं ।
प्रधानमंत्री के बयान के बाद बढ़ी चिंता
वहीं इसी बीच देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन देशवासियों से तेल बचाने की अपील की है जिससे लोगों में संशय पैदा हो गया है कि क्या भारत में भी पेट्रोल डीजल के दामों में भी भारी बढोतरी होने वाली है ? प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार दूसरे दिन गुजरात में देश की जनता से अपील की है कि तेल का जितना कम हो सके उतना उपयोग करें । सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें, पेट्रोल डीजल की खपत कम करें ।
क्या कहा प्रधानमंत्री ने ?
प्रधानमंत्री मोदी दो दिनों से लगातार देश की जनता से तीन अपील कर रहे हैं ताकि देश में किसी भी प्रकार का संकट पैदा ना हो सके और किसी भी स्थिति से देश अच्छे से निपट सके । प्रधानमंत्री मोदी ने अपील करते हुए साफ किया है कि देश में तेल और गैस के स्टॉक की कोई कमी नहीं है ।
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली अपील तेल बचाने के लिए की है । मोदी ने कहा है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और Strait Of Hormuz से आपूर्ति बाधित होने की वजह से हमारे देश में किसी प्रकार की आपातकालीन स्थिति पैदा ना इसके लिए जनता को मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें, पेट्रोल डीज़ल की खपत कम से कम करें । पीएम ने लोगों से कार पूलिंग के लिए भी कहा है ।
पीएम मोदी ने कंपनियों से कहा है कि जैसे कोरोना के समय में वर्क फ्रॉम होम किया जाता था उसी प्रकार डिजिटल मीटिंग्स और वर्क फ्रॉम होम से काम कराएं ताकि सड़कों पर गाड़ियां कम हों और पेट्रोल डीजल की बचत हो सके । दूसरी अपील में पीएम मोदी ने आम जनता कम सोना खरीदने की सलाह दी है ताकि विदेश मुद्रा भंडारर को बचाया जा सके । इसके अलावा पीएम मोदी ने देश की जनता से विदेशी सामान की बजाय स्वदेशी अपनाने की अपील की है ।
क्या बढ़ेंगे पेट्रोल डीज़ल के दाम ?
प्रधानमंत्री मोदी की लगातार तेल कम इस्तेमाल करने की सलाह से आम इंसान अंदाजा लगा रहा है कि जल्द ही पेट्रोल डीज़ल की कीमते बढने वाली हैं लेकिन अभी तक ऐसी कोई भी जानकारी सरकार या पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा जारी नहीं की गई है । जानकारी के मुताबिक ईरान युद्ध के बाद से तेल कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 15 रुपए से अधिक और डीज़ल पर लगभग 25 रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है ।
पेट्रोल डीज़ल के दामों में कब हुई थी सबसे ज्यादा बढोतरी ?
भारत में पेट्रोल और डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करती है । पेट्रोलियम कंपनियां रोज़ाना पेट्रोल डीजल के दामों को रोजाना रिव्यू करती हैं । इतिहास में पेट्रोल डीज़ल के दामों में एकमुश्त सबसे अधिक बढ़ोतरी साल 2012 में हुई थी ।
तेल कंपनियों के घाटे को पूरा करने के लिए 24 मई 2012 को पेट्रोल की कीमतों में 7.54 रुपए प्रति लीटर की बढोतरी हुई थी जबकि डीज़ल के दामों में 14 सितंबर 2012 को 5.63 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी जो कि इतिहास में अब तक की एक बार में की गई सबसे अधिक बढोतरी थी ।