Haryana: गुरुग्राम में ढाई हजार मकान आज होंगे सील , विरोध पर होगी FIR , जाने एक्शन की वजह ?

Haryana: गुरुग्राम नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की तरफ से डीएलएफ फेज-एक से फेज-पांच तक करीब ढाई हजार मकानों के खिलाफ सीलिंग अभियान शुक्रवार से शुरू किया जाएगा। गुरुवार को इसके तहत मुनादी करवाई गई। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहेगा। काम में बाधा डालने वालों पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।

मौजूदा योजना के तहत डीटीपीई कार्यालय की तरफ से 11 दिन तक लगातार सीलिंग अभियान चलाया जाएगा। इन मकानों में कब्जा प्रमाणपत्र और नक्शे का उल्लंघन करके अवैध निर्माण करने और अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन का आरोप है। साल 2011 में डीएलएफ सिटी वेलफेयर एसोसिएशन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया था कि डीएलएफ फेज-तीन में 60-60 वर्ग गज के मकानों में नक्शे का जमकर उल्लंघन हुआ है। सात से आठ मंजिला मकान बना दिए हैं। इन मकानों में परचून, कपड़े, ब्यूटी पार्लर और मोबाइल की दुकान के अलावा रेस्तरां, पीजी और गेस्ट हाउस खोल दिए हैं। इसकी वजह से आसपास रहने वाले लोगों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब तलब किया था। हरियाणा सरकार ने दाखिल जवाब में कहा था कि इन मकानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 13 फरवरी को हाईकोर्ट ने कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश जारी किए थे। 19 अप्रैल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई है, जिसमें जवाब दाखिल किया जाएगा।
करीब साढ़े छह हजार मकानों में उल्लंघन
डीटीपीई कार्यालय ने सर्वे में पाया कि करीब साढ़े छह हजार मकानों में नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसमें से साढ़े चार हजार मकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। ढाई हजार मकान के मालिकों को कारण बताओ नोटिस देने के साथ-साथ रिस्टोरेशन आदेश पारित किया जा चुका है। इनके कब्जे प्रमाण पत्र रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। बिजली, पानी और सीवर कनेक्शन काटने की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा।

जुर्माना भरने के बाद सील खोली जा सकेगी
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के नियमानुसार मकान के सील होने के बाद उसे जुर्माने की अदायगी के बाद खोला जाएगा। 630 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से प्लॉट साइज के बराबर का जुर्माना लगेगा। 1260 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से बैंक गारंटी जमा करवानी होगी। यदि तीन महीने के अंदर अवैध निर्माण या अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को बंद नहीं किया जाता है तो बैंक गारंटी को जब्त किया जाएगा।
मकानों को सील करने के लिए डीटीपीई कार्यालय ने चार टीम बनाई हैं। पांचों फेज में एक साथ कार्रवाई की जाएगी। हर टीम के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल मौजूद रहेगा। यदि कहीं विरोध होता है तो अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया जाएगा।
डीटीपीई कार्यालय की कार्रवाई का असर डीएलएफ फेज-तीन के यू ब्लॉक में देखने को मिला है। इस फेज में भूतल पर खुली गई दुकानों को बंद कर दिया है। 60-60 वर्ग के प्लॉट पर सात से आठ मंजिला मकान बने हैं। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करके बनी अतिरिक्त मंजिलों को डीटीपीई कार्यालय की तरफ से सील किया जाएगा।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपीई अमित मधोलिया ने कहा, ‘शुक्रवार से डीएलएफ में सीलिंग अभियान शुरू किया जाएगा। डीएलएफ के सभी फेज में एक साथ यह अभियान शुरू होगा। हर टीम के साथ पुलिस मौजूद रहेगी। यदि सील तोड़ा जाता है तो मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर करवाई जाएगी। मकान को दोबारा सील किया जाएगा।’











