Jewar Airport: इन जिलों की होगी जेवर एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी, महीने में बन जाएगा यह नया इंटरचेंज
Delhi NCR News: ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला इंटरचेंज अब जल्द ही हकीकत बनने जा रहा है। यमुना प्राधिकरण ने इसके निर्माण की जिम्मेदारी अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंप दी है। यह इंटरचेंज अगले 8 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को सीधी और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।

Jewar Airport: ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला इंटरचेंज अब जल्द ही हकीकत बनने जा रहा है। यमुना प्राधिकरण ने इसके निर्माण की जिम्मेदारी अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंप दी है। यह इंटरचेंज अगले 8 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को सीधी और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
इस परियोजना की शुरुआत 2019 में हुई थी, लेकिन किसानों के विरोध और जमीन विवाद के कारण यह छह साल से लटकी हुई थी। अब भूमि विवाद सुलझने के बाद इसका काम फिर शुरू किया गया है। करीब 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आठ-लूप इंटरचेंज ग्रेटर नोएडा की ट्रैफिक समस्या को काफी हद तक कम करेगा।
साथ ही जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा जैसे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा। अभी यात्रियों को लगभग 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जो इंटरचेंज बनने के बाद खत्म हो जाएगी। इस परियोजना से न केवल सड़क जाम से राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
इसके बनने के बाद सुहाने सफर के रास्ते खुल जाएंगे। बात करें यह कब तक बनकर तैयार हो जाएगा तो यीडा के अनुसार 8 महीने में यह बनकर आवागमन के लिए तैयार हो जाएगा। इसके बनने के बाद हरियाणा व यूपी वालों को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके बाद जेवर एयरपोर्ट भी भी सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। ईपीई और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए जगनपुर अफजलपुर के नजदीक इंटरचेंज का निर्माण पिछले छह साल से अटका हुआ है।
बढ़ी लागत को लेकर कंपनी से सहमति न बनने पर निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई को दे दी गई। वर्ष 2023 में तत्कालीन प्रमुख सचिव डीएस मिश्रा ने परियोजना का उद्घाटन भी किया, लेकिन नारियल खत्म होने से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
2023 में तत्कालीन मुख्य सचिव डीएस मिश्रा ने कार्य का शुभारंभ भी किया, लेकिन नारियल फोड़ने से आगे कार्य नहीं बढ़ पाया। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने में काफी समय लग गया। ईपीई और यमुना हाईवे को जोड़ने के लिए अफजलपुर के पास जगनपुर इंटरचेंज का निर्माण पिछले छह साल से रुका हुआ है।

कैबिनेट की मंजूरी मिलने में अभी काफी समय है। साठ एकड़ में बनने वाले आठ लूप इंटरचेंज के निर्माण में करीब 270 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे यीडा के सेक्टर भी जुड़ेंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से जोड़ने के लिए इंटरचेंज का निर्माण अहम है। इंटरचेंज बनने के बाद दोनों राज्यों के विभिन्न जिलों के लोग सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। इसके अलावा मथुरा, आगरा आदि जगहों का रास्ता भी आसान हो जाएगा।
दोनों हाईवे के बीच कनेक्टिविटी न होने के कारण उन्हें सिरसा कट ऑफ पर उतरकर यमुना हाईवे के जीरो प्वाइंट पर जाना पड़ता था। इससे करीब 15 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति रहती है। इंटरचेंज बनने के बाद यह दूरी कम हो जाएगी और समय की बचत होगी। ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा।













