Crime News: सबसे बड़ा सवाल, गाजीपुर कैसे पहुंची सोनम रघुवंशी? सड़क, ट्रेन या फ्लाइट?
Ghazipur Murder Mystery: इंदौर की सोनम रघुवंशी राजा रघुवंशी हत्याकांड में सबसे बड़ा नाम पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है। शिलांग से लेकर गाजीपुर तक फैली इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोनम रघुवंशी गाजीपुर कैसे पहुंची? हत्या की आरोपी होने के बावजूद उसका 1162 किलोमीटर लंबा सफर अब तक पुलिस और मीडिया के लिए रहस्य बना हुआ है।

Crime News: इंदौर की सोनम रघुवंशी राजा रघुवंशी हत्याकांड में सबसे बड़ा नाम पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है। शिलांग से लेकर गाजीपुर तक फैली इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोनम रघुवंशी गाजीपुर कैसे पहुंची? हत्या की आरोपी होने के बावजूद उसका 1162 किलोमीटर लंबा सफर अब तक पुलिस और मीडिया के लिए रहस्य बना हुआ है।
शिलांग से गाजीपुर की दूरी करीब 1162 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से इसे तय करने में कम से कम 24 से 26 घंटे लगते हैं। लेकिन क्या सोनम ने पूरी यात्रा कार से की? या बीच में ट्रेन या प्लेन से आया? इस सवाल का जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है।
अभी तक की रिपोर्ट के अनुसार सोनम के आने का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सामने नहीं आया है। पुलिस को लगता है कि उसके रेल या फ्लाइट से आने की संभावना नहीं है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वह सड़क मार्ग से आया होगा, लेकिन यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह किस ट्रेन से, कब और किस रूट से आया?
संभावना है कि सोनम वाराणसी के रास्ते गाजीपुर आई हो। वाराणसी सोनम की पहुंच में आसान हवाई और रेल संपर्क वाला निकटतम प्रमुख शहर है। लेकिन वाराणसी से गाजीपुर का हिस्सा अभी भी स्पष्ट नहीं है। वहीं ट्रेन से आने की संभावना भी कम ही लग रही थी। गाजीपुर में मिले हालात को देखकर लगता है कि ट्रेन के एसी कोच या स्लीपर क्लास में बैठना जचता नहीं।
लंबी दूरी का सफर जनरल कोच से करना भी अव्यवहारिक माना जा रहा था। दूसरी ओर शिलांग या गुवाहाटी से गाजीपुर के लिए कोई सीधी फ्लाइट नहीं है। अगर फ्लाइट ली भी होगी तो वह गुवाहाटी या कोलकाता से वाराणसी की हो सकती थी। वहां से वह गाजीपुर क्यों आया, यह पता नहीं चल पाया है।
सोनम को जिस जगह से गिरफ्तार किया गया, वह एक छोटा सा ढाबा है, लेकिन आसपास कई बड़े ढाबे हैं। पुलिस के लिए यह भी सवाल है कि वह वहां क्यों रुका? सोनम जब ढाबे पर बैठी मिली तो उसके पास न तो सामान था और न ही कोई वाहन।
उस समय वहां कोई वाहन या चालक नहीं था। ऐसे में संदेह है कि कोई वाहन उसे वहां छोड़ गया या जानबूझकर वहां रुका। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि वह किस वाहन से गाजीपुर पहुंचा। अभी तक कोई सीसीटीवी फुटेज या चश्मदीद गवाह नहीं है, जिससे सोनम के वाहन की पुष्टि हो सके।
नेशनल हाईवे पर काशी ढाबा के संचालक शाहिल यादव ने बताया कि सोनम रात को आया था। बाहर ग्राहक बैठे थे। इनमें एक महिला, उसका पिता और दो बच्चे थे। सबसे पहले सोनम उनके पास गई और कुछ मदद मांगी। लेकिन जब उन्होंने मना कर दिया तो वह मेरे पास आया।
वह आया ही था, उसने कहा भैया अपना मोबाइल दे दो, मुझे कुछ बात करनी है। हमने उसे अपना मोबाइल दे दिया। इसके बाद उसने नंबर पर कॉल किया और कहा हैलो भैया… फिर वह रोने लगा। फिर हमने उसके परिवार से बात की। हमने उन्हें इस जगह का पता बताया और फिर हमारी बस यही बात हुई।
बाद में जब हमने सोनम से फिर पूछा तो उसने बताया कि उसकी शादी मई में हुई थी। इसके कुछ दिन बाद वह अपने पति के साथ मेघालय चली गई। फिर वहां उसका अपहरण हो गया। उसने उसके गहने भी चुराने की कोशिश की।
इस दौरान उसके पति की हत्या कर दी गई और यह देखकर वह बेहोश हो गई। फिर हमने उससे पूछा कि वह यहां कैसे पहुंचा तो उसने कुछ जवाब नहीं दिया। वह करीब एक घंटे में हमारे ढाबे पर आ गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। फिर करीब 3 बजे पुलिस उसे ले गई।
गाजीपुर पुलिस पूरे मामले में बयान जारी करने से बचती रही। आरोपी का निवास स्थान मेघालय है, वहीं पर उसकी तलाश की गई, वह गाजीपुर में ही मिला, इसलिए स्थानीय पुलिस ने उसे मेघालय पुलिस को सौंप दिया है। अब वही पुलिस सोनम से गहनता से पूछताछ कर रही है।