पांच हज़ार मकान मालिकों को राहत, गुरुग्राम में स्टिल्ट प्लस 4 मकानों में तोड़फोड़ और सीलिंग पर Supreme Court ने लगाई रोक

Supreme Court : गुरुग्राम के डीएलएफ एरिया और बिल्डर कॉलोनियों में स्टिल्ट प्लस 4 इमारतों में रहने वाले निवासियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है । इन कॉलोनियों में अवैध निर्माणों और नियमों का उल्लंघन करने वालों मकानों में तोड़फोड़ और सीलिंग पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हुई सुनवाई में 3 नवंबर तक रोक लगा दी है । अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी जबकि इसी मामले में 23 नवंबर को पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट में सुनवाई होगी ।

सुप्रीम कोर्ट ने गौरव कोहली बनाम हरियाणा सरकार के मामले में दायर की गई याचिका को लेकर तोड़फोड़ और सीलिंग पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं । इस मामले में मंगलवार को पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट में भी सुनवाई होनी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के चलते पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट में ये सुनवाई टाल दी गई ।

हाइकोर्ट के फैसले को दी गई थी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट में पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें हाइकोर्ट ने गुरुग्राम की लाइसेंसी कॉलोनी में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के आदेश जारी किए गए थे । हाइकोर्ट ने आदेश जारी कर कहा था कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को लाइसेंसी कॉलोनियों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तोड़फोड़ और सीलिंग करने का अधिकार है ।

5000 हज़ार मकानों पर लटकी तलवार

गुरुग्राम की डीएलएफ फेस 1 से फेस 5, साउथ सिटी, सुशांत लोक फेस 1 से फेस 3, मालिबु टाउन, विपुल वर्ल्ड, वाटिक इंडिया नेक्स्ट, निरवाणा कंट्री, मेफील्ड गार्डन, पालम विहार जैसे कॉलोनियों में 5 हज़ार से ज्यादा मकानों की पहचान की गई थी जिन्होनें मकानों के नक्शे और कब्जा प्रमाण पत्र का उल्लंघन किया गया है । इन्ही मकानों पर चल रही कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है ।

160 मकानों पर कार्रवाई

पिछले दो महीने डीटीपी विभाग ने इन कॉलोनियों में लगभग 160 मकानों के खिलाफ तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया है । इन मकानों में ओसी का उल्लंघन करते हुए किसी मकान में पीजी, क्लिनिक, जिम जैसी व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं ।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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