गुरुग्राम में अब No Fuel Without PUC : प्रदूषण पर कड़ा पहरा, निर्माण स्थलों पर CCTV से ऑनलाइन निगरानी

विंटर एक्शन प्लान लागू: ओवरएज वाहनों पर कसता शिकंजा, पेट्रोल पंपों पर अनिवार्य रूप से लगेंगे कैमरे

No Fuel Without PUC/गुरुग्राम
राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में सर्दियों की आहट के साथ ही ज़हरीली हवा और प्रदूषण से निपटने की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर की आबोहवा को सांस लेने योग्य बनाए रखने के लिए इस बार प्रशासन पेट्रोल पंपों से लेकर बड़ी निर्माण साइटों (Construction Sites) तक सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।

मंगलवार को आयोजित 13वीं जिला समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शहरी विकास के लिए मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने अधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण के तमाम दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के आदेश दिए।

पेट्रोल पंपों पर होगी सीधी निगरानी, No Fuel Without PUC

दिल्ली की तर्ज पर अब गुरुग्राम में भी प्रदूषण फैलाने वाले और तय समय-सीमा (ओवरएज) पूरी कर चुके वाहनों पर ब्रेक लगाने की तैयारी है।

  • No Fuel Without PUC: बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) और नियम अनुसार उम्र पूरी कर चुके वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा।

  • सीसीटीवी कैमरे: पेट्रोल पंपों पर वाहनों की सटीक निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं।

  • विभागों को निर्देश: क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTO) और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग जल्द ही पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक कर इस संबंध में गाइडलाइंस जारी करेंगे।

1054 निर्माण स्थल राडार पर, सीधे CAQM से जुड़ीं साइट्स

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) को सर्दियों के दौरान पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है। जिले में 500 वर्ग मीटर से बड़े सभी निर्माण एवं प्रदूषण उत्सर्जन स्थलों पर वेब कैमरे और ‘लो-कॉस्ट सेंसर’ लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

गुरुग्राम साउथ के क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार, जिले में ऐसे 1054 स्थलों को चिन्हित किया गया है।

  • 907 साइट्स पर वेब कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं।

  • 534 साइट्स पर प्रदूषण मापने वाले सेंसर लगाए जा चुके हैं।

इन कैमरों और सेंसरों का लाइव डेटा सीधे CAQM (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के केंद्रीय कार्यालय से जुड़ा रहेगा, जिससे 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी।

भारी जुर्माना और काम बंद करने की चेतावनी

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्माण स्थलों पर धूल उड़ाने या नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भारी एनवायरनमेंट कंपनसेशन (पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना) लगाया जाएगा। यदि इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ, तो निर्माण कार्य को तुरंत प्रभाव से बंद करा दिया जाएगा।

प्रतिबंधों से पहले विकास कार्य निपटाने की होड़

सर्दियों के दौरान हवा की गुणवत्ता बिगड़ते ही ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (GRAP) के तहत निर्माण कार्यों पर रोक लग जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए डी.एस. ढेसी ने सभी विकास एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे जारी परियोजनाओं को समय रहते पूरा करें, ताकि सीएक्यूएम के प्रतिबंध लागू होने पर शहर के विकास में रुकावट न आए।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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