श्मशान की जमीन में मुर्दे करेंगे कसरत, पंचायत ने बना दी Open Gym : श्मशान में ‘सेहत’ सुधारने की अजब पहल
जिम के कसरत उपकरणों के सामने ही जलती हैं चिताएं, बैठने की जगह पर पंचायत ने लगवा दीं कसरत की मशीनें

Open Gym/रेवाड़ी
सरकारी बजट के उपयोग को लेकर पंचायतों के अजब-गजब कारनामे अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन रेवाड़ी के भाड़ावास गांव में पंचायत ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे देखकर हर कोई हैरान है। गांव की श्मशान भूमि में, जहां चारों ओर शांति और वैराग्य का माहौल होता है, वहां 8 लाख रुपये की लागत से ‘ओपन जिम’ (Open Gym) तैयार करा दी गई है। अब आलम यह है कि जिस टीनशेड के नीचे चिता जलती है, उसके ठीक सामने कसरत की मशीनें लगी हुई हैं।
जिम में भूत-प्रेत का साया या सिस्टम का डर? सन्नाटे में बदहाल पड़े उपकरण
करीब चार महीने पहले बनी इस ओपन जिम (Open Gym) में आज तक एक भी ग्रामीण कसरत करने नहीं पहुंचा। गांव से बाहर और वो भी श्मशान भूमि के सन्नाटे में जाकर व्यायाम करने से युवा और बुजुर्ग दोनों ही कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह पर लोग अपनों को अंतिम विदाई देने आते हैं, वहां कोई कसरत करने Open Gym कैसे आ सकता है?
बैठने की जगह पर लगी मशीनें, अंतिम संस्कार में पहुंच रहे लोगों को परेशानी
शाहजहांपुर रोड पर स्थित आधा एकड़ की इस श्मशान भूमि में लोगों के बैठने के लिए एक बड़ा टीनशेड बनाया गया था। पंचायत ने Open Gym बनाने के लिए इसी शेड का चुनाव किया और इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाकर कसरत के उपकरण लगवा दिए। अब जब भी गांव में किसी का निधन होता है, तो शोक व्यक्त करने पहुंचे लोगों के पास बैठने तक की जगह नहीं बचती।
पंचायत का तर्क: ‘जगह नहीं थी’, तो क्या श्मशान में ही बहा दिए 8 लाख?
गांव के सरपंच सुनील कुमार और पंच पवन कुमार का तर्क है कि सरकारी आदेशानुसार ओपन जिम (Open Gym) के लिए 450 वर्ग गज जमीन की जरूरत थी, जो गांव में अन्यत्र उपलब्ध नहीं थी। इसी मजबूरी में श्मशान भूमि में Open Gym बनाई गई। हालांकि, ग्रामीणों का सवाल है कि जब जगह अनुपयुक्त थी और कोई वहां आने को तैयार नहीं था, तो सरकारी खजाने के 8 लाख रुपये इस तरह श्मशान में क्यों झोंक दिए गए?
जांच के बाद होगी कार्रवाई: डीडीपीओ
श्मशान भूमि में Open Gym निर्माण के इस अजीबोगरीब मामले पर रेवाड़ी के डीडीपीओ नरेंद्र सारवान ने बताया कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। वह तुरंत इसकी जांच करवाएंगे और रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।