Rapid Metro Gurugram : चीन के पुराने उपकरणों की छुट्टी,11.76 करोड़ का सीक्रेट प्लान तैयार, जानें क्या-क्या बदलेगा
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा होगी हाई-टेक, चीन से आए पुराने उपकरणों की जगह अब लगेंगे आधुनिक सिस्टम

Rapid Metro Gurugram : साइबर सिटी की लाइफलाइन कही जाने वाली रैपिड मेट्रो अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और स्मार्ट होने जा रही है। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) ने रैपिड मेट्रो की सुरक्षा और यात्री सूचना प्रणाली (PIS) को पूरी तरह अपडेट करने के लिए 11.76 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का क्रियान्वयन दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा किया जाएगा।
रैपिड मेट्रो के पहले चरण में चीन की एक कंपनी द्वारा निर्मित 5 ट्रेनें शामिल की गई थीं। इनके रखरखाव की अवधि (Maintenance contract) समाप्त होने के बाद अब इन ट्रेनों के सीसीटीवी कैमरों और डिस्प्ले सिस्टम में तकनीकी खराबी आने लगी है। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि पुराने सिस्टम के पुर्जे (Spare parts) अब बाजार में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे मरम्मत करना असंभव हो गया था।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया कि डीएमआरसी पहले चरण की 5 ट्रेनों के सभी सीसीटीवी कैमरे और सूचना तंत्र को पूरी तरह बदल देगी। पुरानी ट्रेनों से निकाले गए जो पुर्जे चालू स्थिति में होंगे, उन्हें अन्य 7 ट्रेनों के लिए स्पेयर के तौर पर सुरक्षित रखा जाएगा। नए सीसीटीवी कैमरे हाई-डेफिनिशन (HD) होंगे, जिससे कंट्रोल रूम से यात्रियों पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी। 15% बढ़ा यात्रियों का भरोसा (नया डेटा) रैपिड मेट्रो की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल आया है।
पिछले साल (अप्रैल-नवंबर) के 1.10 करोड़ के मुकाबले इस साल यात्रियों का आंकड़ा 1.27 करोड़ पहुंच गया है। यात्रियों की संख्या में 15.05% की बढ़ोतरी के साथ ही मेट्रो के राजस्व में 14% का इजाफा दर्ज किया गया है। एक नजर में कुल लंबाई: 12.85 किमी (गोल्फ कोर्स रोड कॉरिडोर)। 11 स्टेशन सेक्टर-55-56 से लेकर साइबर सिटी और सिकंदरपुर तक, सिकंदरपुर स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन के साथ इंटरचेंज कनेक्टिविटी की सुविधा है।










