NCR के 13 जिलों में अब नहीं चल पाएंगे पुराने वाहन, खरीदने होंगे BS-VI या Electric वाहन; पढ़िए पूरी जानकारी
केंद्र सरकार की नई नीति को मंजूरी; पुराने कमर्शियल वाहन हटाने पर मिलेगी बंपर सब्सिडी, टैक्स छूट और फ्यूल वाउचर

दिल्ली-एनसीआर (NCR) में सर्दियों और आम दिनों में बढ़ने वाले जानलेवा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक गेम-चेंजर कदम उठाया है। सरकार की नई वाहन स्क्रैपेज योजना के तहत अब एनसीआर (NCR) के दायरे में आने वाले हरियाणा के 13 जिलों में पुराने कमर्शियल वाहनों (ट्रक और बसों) के पहिए पूरी तरह थमने वाले हैं। इन पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़क से हटाकर कबाड़ (स्क्रैप) में भेजा जाएगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले दिनों 3 जून को इस 9,585 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दी थी। इसके तुरंत बाद, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत मंथन भी हो चुका है।
📍 हरियाणा के इन 13 जिलों पर पड़ेगा सीधा असर
अगर आप एनसीआर (NCR) क्षेत्र में रहते हैं या वहां ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करते हैं, तो जान लीजिए कि यह नियम हरियाणा के इन 13 जिलों में कड़ाई से लागू होगा:
गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत और करनाल।
रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, पलवल और नूंह।
महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी।
🚫 कौन से वाहन होंगे बाहर और क्या हैं नए नियम?
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को बाहर करने के लिए सरकार ने बकायदा श्रेणी तय कर दी है:
BS-I, BS-II और BS-III: इस श्रेणी के सभी पुराने ट्रकों और बसों को अनिवार्य रूप से (Mandatory) स्क्रैप यानी कबाड़ में तब्दील करना होगा।
BS-IV वाहन: इन वाहनों के मालिकों के पास दो रास्ते होंगे—या तो वे अपने वाहन को स्क्रैप करा दें, या फिर उन्हें एनसीआर क्षेत्र की सीमाओं से बाहर ट्रांसफर (स्थानांतरित) कर दें।
नया विकल्प: अब एनसीआर के इन जिलों में केवल BS-VI (BS-6) या इलेक्ट्रिक वाहन (EV) ही खरीदे और पंजीकृत किए जा सकेंगे।
💰 वाहन मालिकों के लिए ‘ऑफर’ की बौछार: सरकार देगी ये बड़ी राहतें
ट्रांसपोर्टर्स और वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने कई लुभावने वित्तीय प्रोत्साहनों की घोषणा की है:
लोन पर सब्सिडी: नया वाहन खरीदने के लिए लोन लेने पर 5 साल तक 5% ब्याज सब्सिडी मिलेगी।
फ्यूल वाउचर: हर महीने 4,800 रुपए तक का ईंधन वाउचर दिया जाएगा।
टैक्स में 100% छूट: अगले 10 सालों तक मोटर वाहन कर (Motor Vehicle Tax) में 100% तक की भारी राहत मिलेगी।
बकाया माफी: पुराने वाहन पर यदि कोई पिछला टैक्स बकाया है, तो उसे पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा।
कंपनियों की ओर से डिस्काउंट: वाहन निर्माता कंपनियां नए वाहन की एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की सीधी छूट देंगी।
इसके अलावा नए वाहन के पंजीकरण शुल्क (Registration Fee) में भी पूरी छूट मिलेगी।
⚠️ आखिर क्यों जरूरी था यह सख्त फैसला?
पर्यावरण विशेषज्ञों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, एनसीआर (NCR) में कुल वाहनों की संख्या में ट्रक और बसों की तादाद भले ही कम हो, लेकिन हवा को जहरीला बनाने वाले PM2.5 प्रदूषण में इनका हिस्सा सबसे बड़ा है। एक पुराना भारी कमर्शियल वाहन उतना धुंआ और प्रदूषण उगलता है, जितना 14 नए BS-VI ट्रक मिलकर भी नहीं फैलाते।
📱 डिजिटल पोर्टल से घर बैठे होगा सारा काम
भ्रष्टाचार और दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए सरकार इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने जा रही है। इसके लिए एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल (Integrated Digital Portal) विकसित किया जा रहा है। योजना के लिए आवेदन करने, पात्रता (Eligibility) की जांच करने, ब्याज सब्सिडी ट्रांसफर होने और फ्यूल वाउचर पाने तक का सारा काम इसी एक सिंगल पोर्टल के जरिए ऑनलाइन मोड में पारदर्शिता के साथ होगा।
निष्कर्ष:
हरियाणा के एनसीआर जिलों में काम करने वाले हजारों ट्रक और बस ऑपरेटरों के लिए यह नीति शुरुआत में एक बड़ा बदलाव जरूर है, लेकिन सरकार द्वारा दी जा रही भारी सब्सिडी और टैक्स छूट के कारण ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने इसका स्वागत किया है। उम्मीद है कि इस कदम से एनसीआर के करोड़ों नागरिकों को आने वाले समय में प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी।