Old Gurugram Metro Update : मेट्रो रुट पर आई नई चुनौती, बेकार हुए ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के सभी डिजाइन ? जानें पूरी वजह
सिस्मिक जोन 5 निर्धारित होने के बाद अगर कभी 7 तीव्रता का भी भूकंप गुरुग्राम में आता है तो गुरुग्राम में बनने वाले मेट्रो रुट के निर्माण को हिला नहीं पाएगा और पूरा मेट्रो रुट सुरक्षित रहेगा ।

Old Gurugram Metro Update : ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रुट पर बनने वाले कोरिडोर के बनाए गए डिजाइन अब बेकार हो गए हैं । आपने सही पढा है इतनी मेहनत और जद्दोजहद के बाद शुरु हुए ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रुट पर काम में फिर से अड़चन आ गई है । इस रुट पर बनाई जाने वाले मेट्रो कोरिडोर के सभी डिजाइन अब बेकार हो गए हैं । दरअसल भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने नवंबर में भूकंपीय क्षेत्र निर्धारण में बदलाव किए हैं जिसके बाद अब नए सिरे से डिजाइन बनाने होंगे ।
सिस्मिक ज़ोन 5 के अनुसार होगा निर्माण (Siesmic Zone 5)
दरअसल दिल्ली एनसीआर पहले सिस्मिक ज़ोन 4 के अतंर्गत निर्धारित हुआ करता था जिन नियमों के अनुसार ही कोई निर्माण किया जाता था लेकिन नवंबर के महीने में BIS ने इन भूकंपीय क्षेत्र निर्धारण में बदलाव करते हुए कुछ हिस्सों को सिस्मिक जोन 5 में तब्दील कर दिया है जिसकी वजह से गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड को नए सिरे से डिजाइन तैयार करने पड़ेंगे । इस मेट्रो रुट पर जितने भी डिजाइन बनाए गए थे वो सिस्मिक जोन 4 के अनुसार बनाए गए थे इसीलिए अब सभी डिजाइन नए सिरे से बनाए जाएंगे ।
7 तीव्रता का भूकंप भी नहीं हिला पाएगा (Earthquake)
सिस्मिक जोन 5 निर्धारित होने के बाद अगर कभी 7 तीव्रता का भी भूकंप गुरुग्राम में आता है तो गुरुग्राम में बनने वाले मेट्रो रुट के निर्माण को हिला नहीं पाएगा और पूरा मेट्रो रुट सुरक्षित रहेगा । बीआईएस की तरफ से अधुसूचित भूकंपीय क्षेत्र 5 की विशिष्टताओं को पूरा करने के लिए मेट्रो रेल के पिलर, स्पैन और निर्माण को नए डिजाइन के अनुसार ही बनाया जा रहा है ।
नए नियमों से होगा निर्माण, नहीं होगी देरी (Old Gurugram Metro Update)
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के अधिकारी ने बताया कि ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रुट पर पिलर और कंकरीट के इस्तेमाल को लेकर सभी डिजाइन नए नियमों के तहत ही बनवाए जा रहे हैं । अब ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के दूसरे फेज निर्माण का टेंडर भूकंपीय नियम के नए डिजाइन के तहत की तैयार करवाकर लगाया जाएगा ।
मेट्रो की डिजाइन सलाहकार कंपनी के अधिकारी ने बताया कि नए मानकों को पूरा करने के लिए नए डिजाइन के नियमों को पूरा करने के लिए नए डिजाइन बनाए जा रहे हैं । ताकि मेट्रो रुट में सिस्मिक जो़न 5 के अनुसार ही मजबूती रहे । अधिकारी ने बताया कि इसके लिए आवश्यक डिजाइनरों की संख्या बढाई गई है ताकि मेट्रो निर्माण की किसी प्रकार की देरी ना हो ।









