NUH : पंचायत का तुगलकी फरमान, अपराधी परिवार का हुक्का पानी बंद

पंचायत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी ग्रामीण इस बहिष्कृत परिवार से किसी प्रकार का संपर्क या संबंध रखता है, तो उस पर 21,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

NUH : जिले के उपमंडल स्थित गांव रानयाकी ने आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ एक कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। रविवार को आयोजित एक सर्वसम्मति से पंचायत में गांव के प्रबुद्धजनों ने एक ऐसे परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया, जो लंबे समय से नशेखोरी, पशु चोरी और अन्य गैर-कानूनी वारदातों में लिप्त था।

पंचायत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी ग्रामीण इस बहिष्कृत परिवार से किसी प्रकार का संपर्क या संबंध रखता है, तो उस पर 21,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

पंचायत में उपस्थित चौधरी फतेह मोहम्मद, जमशेद सरपंच, सिकंदर सरपंच, जमील नंबरदार, मजीद, शाहिद, नियाज मोहम्मद, इलियास, दयाचंद, तोता फौजी, अली शेर, रामपत, मूसा, खुर्शीद, रमजान और आसम, इदरीस जैसे कई जिम्मेदार ग्रामीणों ने बताया कि संबंधित परिवार की आपराधिक गतिविधियां गांव और आसपास के इलाकों में बदनामी का कारण बन चुकी थीं। परिवार के सदस्यों के खिलाफ पुलिस में कई मामले दर्ज हैं और जांच में उनकी संलिप्तता भी साबित हो चुकी है, इसके बावजूद वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे।

एक ग्रामीण ने बताया हमने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। गांव की शांति और सुरक्षा के लिए यह फैसला लेना बेहद ज़रूरी था। पंचायत में यह स्पष्ट रूप से तय किया गया है कि बहिष्कृत परिवार के सदस्यों से कोई भी ग्रामीण न तो बातचीत करेगा और न ही किसी प्रकार का संबंध रखेगा।  गांव के किसी भी दुकानदार को उन्हें कोई भी सामान बेचने की अनुमति नहीं होगी। गांव की महिलाओं को भी उनके घर जाने या उनसे बातचीत करने से सख्ती से रोका गया है। यदि कोई भी ग्रामीण पंचायत के इस निर्णय का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उस पर 21,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

पुलिस को भी दी गई सूचना ग्रामीणों ने बताया कि इस सख्त फैसले की जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी दे दी गई है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इस कदम को गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध को हतोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

यह पंचायत का निर्णय समाज में संदेश देता है कि आपराधिक गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गांव की शांति भंग करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, भले ही वह सामाजिक बहिष्कार के रूप में ही क्यों न हो।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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