अब आप भी मात्र 10 रुपये के टिकट में खुद चला सकेंगे Delhi Metro Train
कोहरा हो या बारिश, हर मौसम में ड्राइविंग का मिलेगा असली अहसास

अब आप भी बन सकेंगे Delhi Metro Train के ड्राइवर: सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर शुरू हुआ हाई-टेक सिम्युलेटर

नई दिल्ली : दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली ‘दिल्ली मेट्रो’ ने अपने यात्रियों और राजधानी के नागरिकों के लिए एक अनोखा उपहार पेश किया है। अब आप न केवल मेट्रो में सफर कर सकेंगे, बल्कि उसे खुद चलाने का रोमांच भी महसूस कर सकेंगे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने अपने प्रसिद्ध ‘मेट्रो म्यूजियम’ में अत्याधुनिक ड्राइविंग सिम्युलेटर मशीनों की शुरुआत की है।
मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन, कल से जनता के लिए खुलेगा
इस नई सुविधा का औपचारिक उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा बुधवार को किया गया। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं इस तकनीक की सराहना की और इसे बच्चों व युवाओं के लिए शिक्षाप्रद बताया। आम जनता के लिए यह म्यूजियम और सिम्युलेटर की सुविधा शुक्रवार से उपलब्ध होगी।
क्या है इस सिम्युलेटर की खासियत?
मेट्रो म्यूजियम में दो नई सिम्युलेटर मशीनें लगाई गई हैं। यह सिम्युलेटर हूबहू मेट्रो के असली केबिन जैसा अनुभव प्रदान करता है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
वर्चुअल ड्राइविंग अनुभव: इसमें बैठने के बाद आपको ऐसा महसूस होगा जैसे आप वास्तव में ट्रैक पर ट्रेन चला रहे हैं।
मौसम और समय का चुनाव: इसमें खास ‘कस्टमाइजेशन’ विकल्प दिए गए हैं। आप चुन सकते हैं कि आपको दिन के उजाले में ट्रेन चलानी है या रात के अंधेरे में।
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियाँ: इस मशीन में घने कोहरे (Fog) और भारी बारिश जैसे विकल्प भी हैं। यह यात्रियों को यह समझने में मदद करेगा कि खराब मौसम में मेट्रो ड्राइवर किस तरह सूझबूझ से ट्रेन को सुरक्षित मंजिल तक पहुँचाते हैं।
पूरी तरह निशुल्क: हालांकि म्यूजियम में प्रवेश के लिए नाममात्र की फीस है, लेकिन म्यूजियम के अंदर सिम्युलेटर का अनुभव लेना पूरी तरह फ्री है।
किफायती मनोरंजन और ज्ञान का संगम
सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन (पुराना नाम प्रगति मैदान स्टेशन) पर स्थित यह म्यूजियम दिल्ली के इतिहास और तकनीकी विकास को दर्शाता है।
एंट्री फीस: म्यूजियम में प्रवेश के लिए केवल 10 रुपये की टिकट रखी गई है।
सीखने का मौका: यहाँ मेट्रो के निर्माण की कहानी, सुरंग खोदने वाली मशीनों (TBM) के मॉडल और दिल्ली मेट्रो के अब तक के सफर की पूरी जानकारी मौजूद है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों का मानना है कि इस नई सुविधा से म्यूजियम में आने वाले लोगों की संख्या में भारी इजाफा होगा। विशेषकर स्कूली बच्चों के लिए यह एक बेहतरीन ‘एजुकेशनल ट्रिप’ साबित हो सकता है। यह तकनीक न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि यह भी बताती है कि दुनिया के सबसे जटिल मेट्रो नेटवर्क में से एक को चलाने के पीछे कितनी मेहनत और तकनीक लगती है।
अगर आप भी दिल्ली की रफ्तार के पीछे के विज्ञान को समझना चाहते हैं और एक दिन के लिए मेट्रो पायलट बनने का सपना देखते हैं, तो कल से सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन स्थित इस म्यूजियम का रुख कर सकते हैं।













