Haryana के इस जिले में 1200 एकड़ में बसाया जाएगा नया शहर, कई गांवों की ज़मीन का होगा अधिग्रहण

Haryana का सबसे पिछड़ा इलाका कहे जाने वाले नूंह जिले के अब अच्छे दिन आने वाले हैं । सरकार ने योजना बनाई है कि इस जिले में आधुनिक सुविधाओं से लेस एक नया शहर बसाया जाएगा । इसके लिए सरकार कई गांवों की लगभग 1200 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करेगी लेकिन ये जमीन किसानों की सहमति के बगैर अधिग्रहित नहीं की जाएगी । सरकार ने जमीन को बेचने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया है ।

हरियाणा सरकार ने नूंह जिले में नया शहर बसाने और सेक्टर काटने की जिम्मेवारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को सौंपी है । इस परियोजना के तहत सरकार ई भूमि पोर्टल के जरिए किसानों से जमीन खरीदेगी । जमीन मालिक 31 अगस्त 2026 तक सरकार के पास अपनी सहमति जता सकते हैं ।

हरियाणा सरकार नूंह जिले में नया आधुनिक शहर बसाने की योजना बना रही है लेकिन इस शहर को बसाने के लिए किसी भी किसान को अपनी जमीन देने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा । इसको लेकर सरकार ने अलग तरह की योजना बनाई है ताकि हरियाणा में सबसे पिछड़ा इलाका कहा जाने वाला मेवात इलाका भी विकास की मुख्यधारा में लाया जा सके ।

पूरे हरियाणा में बसाए जाएंगे 71 नए शहर

गौरतलब है कि हरियाणा में पहले चरण में 71 शहर बसाए जाएंगे जिसके लिए लगभग 1.67 लाख एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है । इन जमीनों को खरीदने के लिए सरकार योजना बना रही है । दूसरे चरण में 13 शहरों के लिए लगभग 33 हज़ार एकड़ जमीन खरीदी जा रही है । जिससे आने वाले समय में नए आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत क्षेत्र विकसित किए जा सकें ।

नूंह के 6 गावों की जमीन पर बसेगा नया शहर

मेवात इलाके को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए और इस इलाके को भी विकसित करने के लिए सरकार की नई योजना में नूंह जिले के 6 गावों को चुना गया है जिनमें नूंह, जखोपुर, खेड़ला, नल्हड़, डूंडारेही, फिरोजपुर नमक और सालाहेड़ी गांव शामिल हैं । योजना में इन गावों की करीब 1197.61 एकड़ जमीन की शामिल किया गया है ।

सरकार ने यहां पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया शहर विकसित करने की तैयारी की है । यहां पर प्रस्तावित चौड़ी सड़कें, सीवर लाइन, पेयजल व्यवस्था, स्कूल, पार्क, बिजली, अस्पताल और पार्क जैसी अन्य सार्वजनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी । इससे ना केवल इन इलाकों का स्वरुप बदलेगा बल्कि मेवात को भी एक नई पहचान मिलेगी ।

31 अगस्त तक पोर्टल पर किसान दे सकते हैं प्रस्ताव

जमीन मालिक किसान अपनी जमीन सरकार को देने का प्रस्ताव 31 अगस्त 2026 तक ई भूमि पोर्टल पर दे सकते हैं । इसके लिए किसान को ई भूमि पोर्टल पर अपनी जमीन का पूर्ण ब्यौरा देना होगा । प्रस्ताव मिलने के बाद विभाग जमीन की जांच करेगा और समहति बनने पर आगे की प्रक्रिया पर काम किया जाएगा ।

अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया खुली, सरल और भरोसेमंद रखी गई है ताकि किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े । जब तक जमीन मालिक अपनी सहमति नहीं देंगे तब तक जमीन नहीं खरीदी जाएगी ।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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