Murderer Arrest : मानेसर में पत्नी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी पति व उसकी प्रेमिका गिरफ्तार
गुरुग्राम में पत्नी की हत्या कर बाथरूम में छिपाया शव, हत्या करने के बाद हरिद्वार के रास्ते आरोपी भाग गए थे नेपाल; 5 दिन के रिमांड पर आरोपी

Murderer Arrest : गुरुग्राम के मानेसर इलाके में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जहां एक पति ने अपनी तीन महीने पहले ब्याही पत्नी की अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी। अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) मानेसर की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पति और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार (Murderer Arrest) कर लिया है। आरोपियों की पहचान अंकित (25 वर्ष, निवासी मानेसर) और रजनी देवी (38 वर्ष, निवासी औरंगाबाद, जिला झज्जर) के रूप में हुई है।
लापता होने की शिकायत के बाद मिला शव : Murderer Arrest
मामले का खुलासा तब हुआ जब 22 मई 2026 को एक महिला ने थाना मानेसर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उनकी 22 वर्षीय बेटी का विवाह फरवरी 2026 में मानेसर के अंकित के साथ हुआ था। 21 मई को उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी घर से लापता है। परिजनों ने अपने स्तर पर तलाश की और ससुराल पक्ष से संपर्क किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने बेटी को गायब करने में पति और ससुराल पक्ष पर संदेह जताया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जब जांच शुरू की, तो उसी दिन (22 मई) मानेसर के एक कमरे से लापता महिला का शव बरामद हुआ, जिसकी गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दीं।
3 साल से चल रहा था अफेयर, पहले से तय थी साजिश
पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ वह बेहद चौंकाने वाला था। आरोपी अंकित और रजनी देवी का पिछले 3 वर्षों से प्रेम प्रसंग (अफेयर) चल रहा था। रजनी काफी समय से मानेसर में किराए पर रह रही थी। अंकित ने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची। वह हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार करीब दो महीने पहले ही उत्तर प्रदेश (UP) से लेकर आया था।
योजना के मुताबिक, 21 मई 2026 को अंकित अपनी पत्नी को बहला-फुसलाकर रजनी के किराए के कमरे पर ले गया और वहां दोनों ने मिलकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
नेपाल भाग गए थे आरोपी, 5 दिन के पुलिस रिमांड पर
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंकित और रजनी गिरफ्तारी से बचने के लिए तुरंत हरिद्वार फरार हो गए और वहां से नेपाल भाग गए। करीब एक महीने से अधिक समय तक नेपाल में छिपने के बाद दोनों आरोपी 30 जून को भारत वापस लौटे थे, जिसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने जाल बिछाकर उन्हें मानेसर से दबोच लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर आगामी पूछताछ और हत्या में इस्तेमाल हथियार व अन्य बरामदगी के लिए 5 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया है। मामले का अनुसंधान लगातार जारी है।