Monsoon : हरियाणा और दिल्ली-NCR में मानसून की रफ्तार पर ब्रेक: 4-5 दिनों तक राहत, जानिए मौसम विभाग का नया अलर्ट
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून ट्रफ के खिसकने से बारिश की गतिविधियों में आएगी कमी; उमस बढ़ने के आसार, किसानों के लिए भी एडवाइजरी जारी

Monsoon/चंडीगढ़
दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश और भीषण जलभराव के बाद अब मानसून (Monsoon) की रफ्तार पर ब्रेक लगने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) और चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों तक दोनों क्षेत्रों में (Monsoon) मानसूनी गतिविधियां काफी धीमी रहेंगी। हालांकि, कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
क्यों सुस्त पड़ा (Monsoon) मानसून?
HAU के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ और IMD के अनुसार, वर्तमान में (Monsoon) मानसून टर्फ की अक्षय रेखा उत्तरी सीमा (हिमालय की तलहटी) की ओर खिसक रही है। भले ही उत्तरी हरियाणा पर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बना हुआ है, लेकिन मानसून ट्रफ के उत्तर की तरफ बढ़ने के कारण मैदानी इलाकों में बारिश का सिस्टम कमजोर पड़ गया है। इसके चलते दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में बारिश में कमी आएगी और तापमान में हल्की बढ़ोतरी के साथ उमस भरा मौसम परेशान कर सकता है।
गुरुग्राम में (Monsoon) बारिश से बिगड़े हालात, पुलिस का एहतियाती कदम
पिछले 2-3 दिनों से गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में हुई बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
इफको चौक पर सड़क धंसी: दिल्ली-जयपुर हाईवे के पास इफको चौक की सर्विस लेन धंसने के बाद ट्रैफिक पुलिस को बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद करना पड़ा।
स्कूल बसों के लिए रूट अपडेट: सुभाष चौक और आसपास के इलाकों में जलभराव के कारण स्कूल बसों के फंसने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। ट्रैफिक पुलिस अब रियल-टाइम रूट अपडेट जारी करेगी और जरूरत पड़ने पर हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसें भी बैकअप में रखी जाएंगी।
कहाँ होगी बारिश और कहाँ रहेगा शुष्क मौसम? Monsoon Alert
हल्की बारिश/बूंदाबांदी वाले जिले: उत्तरी हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और दक्षिण-पूर्वी/एनसीआर के गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल व दिल्ली के कुछ इलाकों में छिटपुट हल्की बारिश हो सकती है।
शुष्क मौसम वाले जिले: पश्चिमी व मध्य हरियाणा (हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी और जींद) में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और परिवर्तनशील रहेगा।
किसानों और पशुपालकों के लिए एडवाइजरी : Monsoon Alert
उमस और हवा में नमी को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों और पशुपालकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
सिंचाई और छिड़काव रोकें: अगले 3-4 दिनों तक फसलों में सिंचाई न करें और कीटनाशकों के छिड़काव से बचें।
कीट-रोग की निगरानी: कपास में सफेद मक्खी/चेपा और धान में जड़ सुंडी का प्रकोप बढ़ सकता है, इसलिए खेतों का नियमित निरीक्षण करें।
पशुधन की देखभाल: उमस भरे मौसम को देखते हुए पोल्ट्री शेड और पशुशालाओं में वेंटिलेशन (हवा का प्रवाह) सही रखें ताकि घुटन न हो।
