Rao Inderjit Singh बोले गुरुग्राम में जलभराव के लिए कांग्रेस जिम्मेदार, टनल से निकलेगा समाधान
सांसद ने माना कि जलभराव रोकने के मौजूदा उपाय नाकाफी; लेकिन सवाल- जब नालों पर निर्माण हो रहा था, तब क्यों नहीं उठाया गया कदम?

Rao Inderjit Singh/गुरुग्राम:
गुरुग्राम में मानसून के दौरान होने वाले भारी जलभराव पर राजनीति तेज हो गई है। विपक्ष के हमलों के बीच स्थानीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह (Rao Inderjit Singh) ने इस समस्या के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
हालांकि, मंत्री Rao Inderjit Singh के इस बयान के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि जिस समय प्राकृतिक नालों पर निर्माण कार्य हो रहे थे, उस वक्त वे खुद भी कांग्रेस में सांसद थे। ऐसे में तब उन्होंने इसका विरोध क्यों नहीं किया?
अंडरग्राउंड टनल से ही संभव है स्थायी समाधान
सांसद Rao Inderjit Singh ने कहा कि अरावली पहाड़ियों से बारिश के पानी को यमुना तक ले जाने वाले पुराने और पारंपरिक नालों पर कांग्रेस के शासनकाल में निर्माण करा दिया गया। इसी का नतीजा है कि आज पूरा शहर जलभराव झेल रहा है।
Rao Inderjit Singh ने कहा:
अस्थायी उपाय नाकाफी: नालों की सफाई और पानी निकालने के मौजूदा प्रशासनिक प्रयास अस्थायी (‘बैंड-एड’ उपाय) साबित हो रहे हैं। एक जगह से पानी रोकते हैं, तो वह दूसरी जगह भर जाता है।
अंडरग्राउंड टनल योजना: जलभराव की समस्या खत्म करने का एक ही तरीका है कि पुराने नालों के रास्तों पर मेट्रो की तर्ज पर बड़े अंडरग्राउंड टनल बनाए जाएं।
बजट का इंतजाम: सरकार इस योजना पर विचार कर रही है और इसके लिए जरूरी फंड जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
अतीत के फैसलों पर उठते सवाल : Rao Inderjeet Singh
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 2014 से पहले Rao Inderjit Singh कांग्रेस के टिकट पर ही सांसद थे। अगर उस समय नालों के प्राकृतिक प्रवाह को रोका जा रहा था, तो उस वक्त Rao Inderjit Singh ने मजबूती से आवाज क्यों नहीं उठाई ?
वहीं, बीते 10 सालों से राज्य और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है, फिर भी हर साल केवल नालों की सफाई के नाम पर बजट खर्च कर मानसून निकाला जा रहा है। अब देखना होगा कि अंडरग्राउंड टनल की यह योजना कब तक जमीन पर उतर पाती है।
