Gurugram: शहर की तर्ज पर गांव में भी बनेगी मॉडल LIbrary और Auditorium
निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने निगम की इंजीनियरिंग विंग और राजस्व विंग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। जल्द नही जमीनों को चिन्हित करके विकास परियोजनाएं बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

Gurugram News Network – नगर निगम गुरुग्राम अब गांव में भी शहर की तर्ज पर आधुनिक पुस्तकालय और सभागारों का निर्माण करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में खाली पड़ी जमीनों पर निगम द्वारा विकास की परियोजनाओं के लिए चिन्हित करेगा। जिस गांव में जितनी खाली जमीन मिलती है उसी के हिसाब से वहां पर विकास परियोजना तैयार की जाएगी।
निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने निगम की इंजीनियरिंग विंग और राजस्व विंग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। जल्द नही जमीनों को चिन्हित करके विकास परियोजनाएं बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
बता दें कि नगर निगम गुरुग्राम के अधीन कुल 68 गांव हैं। इनमें कहीं पर पांच एकड़ तो कहीं पर दस एकड़ से ज्यादा जमीन खाली पड़ी है। इन खाली जमीनों पर स्थानीय लोग अवैध कब्जे कर रहे हैं तो कहीं पर लोग कूड़ा और मलबा डाल रहे हैं। इन जमीनों को अवैध कब्जे से बचाने और लोगों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए निगमायुक्त ने यह योजना बनाई है।
योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब लोगों को शहर जैसी सुविधाएं उनके पास ही मिलेगी, ताकि गांव के छात्रों और लोगों को पढाई करने और कोई भी सामाजिक कार्यक्रम के लिए शहर में नहीं आना पड़े।

नगर निगम की तरफ से जिस जगह पर अधिक जमीन उपलब्ध है, वहां पर पुस्तकाल, पार्किंग और ऑडिटोरियम (सभागार) जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। नगर निगम आयुक्त अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि बाबूपुर क्षेत्र में खाली जमीन पर आडिटोरियम, पार्किंग और पुस्तकालय बनाने की परियोजना तैयार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सेक्टर 102 खेड़की माजरा और पवाला खुसरूपुर में स्थित खाली भूमि पर खेल सुविधाएं देने और पुस्तकालय तैयार करने की परियोजना शामिल है। जलविहार झाड़सा खाली भूमि पर पार्क और पुस्तकालय बनाने का प्रस्ताव तैयार होगा।
वर्ष 2020 में गुरुग्राम नगर निगम में 20 नए गांव शामिल हुए थे और निगम का दायरा बढ़ाया गया था। गुरुग्राम निगम में बजघेड़ा, मोहम्मदहेड़ी, दौलताबाद, धनकोट, उल्लावास, बहरामपुर, भोंडसी, कादरपुर, बाबुपुर, धर्मपुर, खेड़की माजरा, पलड़ा, नंगली उमरपुर, धुमसपुर, नया गांव और मैदावास को शामिल किया गया था, जिसके बाद निगम क्षेत्र के गांवों की संख्या 68 हो चुकी है। इन गांवों में पुस्तकालय, पार्क, सभागार, चौपाल, कम्युनिटी सेंटर जैसी सुविधाएं देने की जरूरत है।












