MCG Action : काम में लापरवाही बरतने पर निगम ने एजेंसी पर लगाया एक लाख का जुर्माना
नगर निगम द्वारा पेस्टेक सोल्यूशन को यह कार्य 13 नवंबर 2024 को सौंपा गया था और एजेंसी ने 28 नवंबर 2025 से काम शुरू किया। हालांकि, कार्य शुरू होने के बाद से ही कई महत्वपूर्ण शर्तों का उल्लंघन किया गया:

MCG Action : नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने शहर की सड़कों पर खुले में घूमने वाले पशुओं को पकड़ने और उनके सुरक्षित परिवहन के कार्य में घोर लापरवाही बरतने के लिए एक निजी एजेंसी पर भारी जुर्माना लगाया है। संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन) कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के तहत, पेस्टेक कंपलीट सॉल्यूशन नामक एजेंसी पर 1,03,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
यह कार्रवाई तब की गई जब नगर निगम की आंतरिक जाँच में पाया गया कि एजेंसी आवंटित कार्य में गंभीर रूप से ढिलाई बरत रही थी, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा प्रभावित हो रही थी।

नगर निगम द्वारा पेस्टेक सोल्यूशन को यह कार्य 13 नवंबर 2024 को सौंपा गया था और एजेंसी ने 28 नवंबर 2025 से काम शुरू किया। हालांकि, कार्य शुरू होने के बाद से ही कई महत्वपूर्ण शर्तों का उल्लंघन किया गया
शिकायतों का अंबार: नगर निगम को एसएमजीटी पोर्टल, सीएम विंडो, जीआरएस पोर्टल और निगम की हेल्पलाइन सहित विभिन्न माध्यमों से खुले पशुओं से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जाँच में पाया गया कि एजेंसी को भेजी गई 45 शिकायतें अभी भी लंबित पड़ी थीं, जिनका समय पर निवारण नहीं किया गया।
मॉनिटरिंग का अभाव: आरएफपी (RFP) की शर्तों के अनुसार, एजेंसी के वाहनों में जीपीएस ट्रैकर और कैमरे लगाए जाने थे, ताकि पशु पकड़ने की गतिविधियों की निगम द्वारा निगरानी की जा सके। लेकिन एजेंसी ने 11 दिनों तक न तो जीपीएस इंस्टॉल किया और न ही कैमरे लगाए, जिससे पारदर्शिता और मॉनिटरिंग पूरी तरह प्रभावित हुई।
नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त (एसबीएम) डॉ. प्रीतपाल सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि खुले में घूमने वाले पशु न केवल ट्रैफिक के लिए खतरा हैं, बल्कि शहर की स्वच्छता रैंकिंग और सार्वजनिक छवि को भी गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।
उन्होंने कहा, “एजेंसियों की ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
नगर निगम ने एजेंसी को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि:

सभी लंबित शिकायतों का समाधान 2 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
कार्य की दैनिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से कार्यालय में जमा कराई जाए।
निर्देशों की किसी भी अवहेलना पर भविष्य में और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित कनिष्ठ अभियंता को यह भी निर्देश दिया गया है कि जुर्माने की राशि (₹1,03,500) एजेंसी के मासिक बिल से तुरंत काटी जाए। निगम ने स्पष्ट किया है कि पशु नियंत्रण प्रणाली को मजबूत करना प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।












