Crime सावधान गुरुग्राम! साइबर सिटी में ‘नेपाली ठग सक्रिय; बहन के इलाज के नाम पर व्यक्ति से ठगे ₹2 करोड़
भावुक कर लूटने का नया पैंतरा: मदद के बहाने झांसे में लेकर दिया करोड़ों की चपत, पुलिस ने जारी किया अलर्ट

Crime /गुरुग्राम | 31 दिसंबर, 2025
नए साल के जश्न के बीच गुरुग्राम में एक बेहद चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शहर में एक शातिर ‘नेपाली ठग’ के सक्रिय होने की खबर है, जिसने एक व्यक्ति की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हुए उससे 2 करोड़ रुपये की बड़ी रकम ठग ली है। ठगों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए ‘बहन के गंभीर इलाज’ का झूठा बहाना बनाया था।
इलाज का बहाना और 2 करोड़ का चूना
मिली जानकारी के अनुसार, ठगों ने पीड़ित से संपर्क किया और खुद को असहाय बताते हुए अपनी बहन की जान बचाने के लिए पैसों की गुहार लगाई। आरोपियों ने पीड़ित को अपनी बातों के जाल में इस कदर फंसाया कि उसने बिना सोचे-समझे मदद के नाम पर किस्तों में कुल 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित को सच्चाई का पता चला और आरोपियों के फोन बंद आने लगे, तब उसे एहसास हुआ कि वह एक सोची-समझी साजिश का शिकार हो चुका है।
पुलिस की कार्रवाई और जनता को सलाह
सेक्टर-40 थाना पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा-I (EOW) की टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए उस गिरोह के एक मुख्य सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने एक व्यक्ति से बहन के इलाज के नाम पर 2 करोड़ 18 लाख रुपये ठग लिए थे।


हैदराबाद से हुई मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी
गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-I ने तकनीकी संसाधनों और सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 29 दिसंबर 2025 को आरोपी अजहर अहमद (30 वर्ष) को हैदराबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी स्नातक (Graduate) है और हैदराबाद के कबूतरखाना इलाके का रहने वाला है।
ऐसे बुना ठगी का मायाजाल
पुलिस पूछताछ में आरोपी अजहर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:

साजिश: अजहर ने अपनी महिला मित्र यांगजी शेरपा उर्फ यामा के साथ मिलकर ठगी की योजना बनाई थी।
इलाज का झूठा बहाना: यांगजी शेरपा ने मई 2024 से अप्रैल 2025 के बीच शिकायतकर्ता को अपनी बहन के इलाज के नाम पर झांसे में लिया और किस्तों में कुल 2.18 करोड़ रुपये ऐंठ लिए।
फर्जी स्क्रीनशॉट का खेल: विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने शिकायतकर्ता को ₹18 लाख वापस भेजने के फर्जी ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट भी भेजे, ताकि वह और पैसे भेजता रहे।
तकनीकी चतुराई: ठगी की रकम यांगजी के खाते में आती थी, जिसे अजहर अपने खाते में ट्रांसफर कर लेता था। बातचीत के लिए जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल होता था, वह भी अजहर अहमद के नाम पर दर्ज था।
पुलिस रिमांड और आगामी जांच
पुलिस ने आरोपी अजहर अहमद को 30 दिसंबर को हैदराबाद की अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे 4 दिन के पुलिस राहदारी रिमांड पर लिया गया है।
EOW-I की टीम अब रिमांड के दौरान आरोपी से ठगी गई रकम की बरामदगी, उसकी महिला मित्र (यांगजी शेरपा) के ठिकानों और इस गिरोह द्वारा अंजाम दी गई अन्य संभावित वारदातों के बारे में गहन पूछताछ करेगी।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें
गुरुग्राम पुलिस ने इस घटना के बाद एक बार फिर आम जनता को आगाह किया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के भावनात्मक दावों (जैसे बीमारी या आकस्मिक दुर्घटना) पर बिना पूरी जांच-पड़ताल किए बड़ी धनराशि का लेन-देन न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 पर दें।












