Gurugram में चर्च के विरोध में हुई महापंचायत, कई गांवों ने एक सुर में कहा ‘आसपास नहीं है कोई ईसाई, तो क्यों बनेगी चर्च ?’
रणबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई महापंचायत में टीकली के अलावा नूरपूर, अकलीमपुर, बादशाहपुर, पलड़ा, गैरतपुर बास, खेड़की बाघनकी, कांकरौला, भांगरौला सहित कई गांवों के लोग शामिल हुए ।

Gurugram : गुरुग्राम में अरावली पहाड़ी की गोद में बसे गांव टीकली गैरतपुर बांस रोड पर एक चर्च बनाए जाने की योजना का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है । रविवार को आयोजित महापंचायत में आसपास के कई गांवों के लोगों ने एकजुट होकर इस योजना के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की । महापंचायत में शामिल लोगों ने दो टूक शब्दों में कहा कि कृषि योग्य भूमि पर चर्च से संबंधित कोई भी गतिविधि नहीं होने दी जाएगी ।
रणबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई महापंचायत में टीकली के अलावा नूरपूर, अकलीमपुर, बादशाहपुर, पलड़ा, गैरतपुर बास, खेड़की बाघनकी, कांकरौला, भांगरौला सहित कई गांवों के लोग शामिल हुए । चर्च बनाने की योजना वाली समिति का एक प्रतिनिधिमंडल भी अपना पक्ष रखने के लिए महापंचायत में पहुंचा था । ग्रामीणों ने प्रतिनिधिमंडल से सीधा सवाल किया कि इस कृषि भूमि पर चर्च बनाने का उद्देश्य क्या है, जबकि टीकली या आसपास के गांवों में ईसाई समुदाय के लोग ही नहीं हैं ।

इस पर, समिति के लोगों ने विरोध को देखते हुए कहा कि यदि विरोध है तो वे चर्च की जगह कार्यालय बना लेंगे । हालांकि, महापंचायत में शामिल लोगों ने समिति के इस प्रस्ताव को भी सिरे से नकार दिया । ग्रामीणों ने एक सुर में स्पष्ट किया कि किसी भी हाल में चर्च से संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधि कृषि योग्य भूमि पर नहीं होने दी जाएगी ।
गांव के पूर्व सरपंच डॉ. ब्रह्म यादव ने बताया कि समिति के लोग ग्रामीणों के कहने पर अपना पक्ष रखने आए थे, लेकिन वे महापंचायत के सवालों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए । डॉ. यादव ने तर्क दिया कि जब इलाके में ईसाई धर्म को मानने वाले लोग ही नहीं हैं, तो फिर चर्च या उससे संबंधित कार्यालय बनाने का कोई औचित्य नहीं है । ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी धर्म के विरुद्ध नहीं हैं, लेकिन जिस इलाके में किसी धर्म के मानने वाले ही न हों, वहां उस धर्म से संबंधित संस्थान बनाने का प्रयास अस्वीकार्य है।










