CJP : ‘मामला लीगल है’ फेम हरियाणवी अभिनेता सुधीर सांगवान बने CJP के कोर मेंबर, अभिजीत दिपके ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
जंतर-मंतर पर हुंकार भरने वाले सुधीर सांगवान को अभिजीत दिपके ने बनाया कोर मेंबर, छात्र-युवा हित में उठाएंगे आवाज

CJP : कहते हैं कि अगर इरादे बुलंद हों और कला के प्रति समर्पण सच्चा हो, तो गांव की पगडंडियों से शुरू हुआ सफर भी मायानगरी और राष्ट्रीय मंचों तक का रास्ता तय कर लेता है। हरियाणा के चरखी दादरी जिले के छोटे से गांव छपार से ताल्लुक रखने वाले और सोनीपत-रोहतक की माटी में अपनी प्रतिभा को तराशने वाले अभिनेता सुधीर सांगवान आज देश भर के युवाओं और कला प्रेमियों के लिए एक जाना-पहचाना नाम बन चुके हैं।
ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स की बहुचर्चित सीरीज ‘मामला लीगल है’ में अपनी दमदार अदाकारी से लाखों दर्शकों का दिल जीतने वाले सुधीर सांगवान न केवल अभिनय जगत में अपनी धाक जमा रहे हैं, बल्कि सामाजिक मुद्दों और युवा अधिकारों की लड़ाई में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
शुरुआती जीवन और संघर्ष: जब वकालत की राह छोड़ चुनी कला की डगर
सुधीर सांगवान की जीवन यात्रा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। कानून की पढ़ाई (LLB) करने और सोनीपत-गोहाना बार एसोसिएशन में वकालत का अनुभव रखने वाले सुधीर का मन हमेशा से कला और अभिनय में बसता था। जीवन में आए कई उतार-चढ़ावों और असफलताओं के बावजूद उन्होंने अपने भीतर के कलाकार को कभी मरने नहीं दिया।
थिएटर से अपने अभिनय के सफर की शुरुआत करने वाले सुधीर ने अपनी हरियाणवी बोली, सहज अभिनय और कड़े परिश्रम के बल पर बॉलीवुड और ओटीटी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई। ‘मामला लीगल है’ सीरीज में उनके द्वारा निभाए गए किरदार ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, जहाँ दर्शकों ने उनकी कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर सराहना की।
CJP आंदोलन का मुख्य चेहरा बने सुधीर सांगवान
अभिनय की दुनिया में झंडे गाड़ने के साथ-साथ सुधीर सांगवान अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को लेकर भी बेहद मुखर रहे हैं। हाल ही में नई दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित युवा और छात्र आंदोलन में सुधीर सांगवान एक कोर टीम सदस्य और प्रमुख वक्ता के रूप में सामने आए।
शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े विवादों, पेपर लीक की समस्याओं और युवाओं के भविष्य को लेकर सुधीर ने मंच से पुरजोर आवाज उठाई। जंतर-मंतर पर उनके बेबाक और ओजस्वी भाषणों ने लाखों युवाओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनका मानना है कि एक कलाकार को समाज की कुरीतियों और समस्याओं पर मौन रहने के बजाय जनता की आवाज बनना चाहिए।
संघर्षरत युवाओं के लिए मिसाल
छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों से आने वाले कलाकारों के लिए सुधीर सांगवान का यह सफर एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने यह साबित कर दिखाया कि बिना किसी गॉडफादर या बैकग्राउंड के भी अगर आपके पास हुनर और निडर विचार हैं, तो आप अभिनय के पर्दे से लेकर जन-आंदोलनों के मंच तक अपनी एक अलग छाप छोड़ सकते हैं।
फिल्म इंडस्ट्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नए प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ सुधीर सांगवान सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं, जिससे हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं में उनकी एक खास पहचान बन रही है।
