Bulldozers : गुरुग्राम के बाबा बालकनाथ मंदिर परिसर पर चला बुलडोजर, 5 मंदिर और गोशाला ध्वस्त
16 घंटे चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई, ग्रामीणों और संतों का विरोध; रविवार को बुलाई गई महापंचायत

Bulldozers/गुरुग्राम
गुरुग्राम के सेक्टर-50 स्थित आदमपुर झाड़सा के प्रसिद्ध बाबा बालकनाथ मंदिर परिसर में शुक्रवार को प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की। करीब 16 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में 15 बुलडोजरों (Bulldozers) की मदद से शिव मंदिर को छोड़कर परिसर में बने 5 अन्य मंदिर, गोशाला और समाधि समेत कई अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
Bulldozers कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था। भारी विरोध के बीच मंदिर में स्थापित पवित्र मूर्तियों को सुरक्षित रूप से अन्य मंदिरों में स्थानांतरित किया गया, वहीं गोशाला की करीब 35 गायों और बछड़ों को कार्टरपुरी गोशाला भेजा गया है।
रात के अंधेरे में घेराबंदी, तड़के 3 बजे शुरू हुआ बुलडोजर (Bulldozers)
ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार देर शाम ही गुरुग्राम पुलिस के करीब 25 जवान सादे कपड़ों में मंदिर पहुंचे और महंत विजयनाथ महाराज सहित 10 लोगों को एहतियातन हिरासत में ले लिया। इसके बाद देर रात 3 बजे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), नगर निगम और DTCP के अधिकारियों का दस्ता 15 बुलडोजरों (Bulldozers) के साथ मौके पर पहुंचा।
इस कार्रवाई का नेतृत्व HSVP की संपदा अधिकारी अनुपमा मलिक कर रही थीं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था की कमान ACP अमित कुमार और विष्णु प्रसाद संभाल रहे थे। पुलिस ने मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग कर मीडिया और आम जनता की आवाजाही रोक दी।
साधु-संतों का धरना, विधायक बालकनाथ योगी भी पहुंचे
Bulldozers कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुटने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इससे गुस्साए साधु-संतों और ग्रामीणों ने पुलिस बैरिकेड्स के सामने ही धरना शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही राजस्थान के तिजारा से विधायक महंत बालकनाथ योगी भी मौके पर पहुंचे और प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया।
27 जुलाई को भी हुआ था प्रयास
उल्लेखनीय है कि HSVP अधिकारियों ने 27 जुलाई को भी इस स्थल को खाली कराने का प्रयास किया था, जिसे ग्रामीणों के उग्र विरोध के बाद टालना पड़ा था। इसके बाद 31 अगस्त को HSVP ने अधिग्रहित भूमि पर अवैध कब्जे की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
रविवार को महापंचायत में तय होगी आगे की रणनीति
प्रशासनिक कार्रवाई से उपजे जनाक्रोश के बीच 360 गांवों के चौधरी महेंद्र सिंह ठाकरान की अगुवाई में 11 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। चौधरी महेंद्र सिंह ने प्रशासन के रवैये को एकतरफा और अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि रविवार सुबह 10 बजे मंदिर स्थल पर एक बड़ी पंचायत बुलाई गई है, जिसमें इस मुद्दे पर आर-पार की रणनीति तय की जाएगी।
