हरियाणा में बदलेंगे जमीन व निर्माण के नियम: जब तक मना न हो, सब करने की छूट, सरकार ला रही No Go List
डी-रेगुलेशन के तहत नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने तैयार किया ड्राफ्ट, 30 दिनों में मांगे सुझाव; लालफीताशाही से मिलेगी मुक्ति

No Go List/चंडीगढ़
हरियाणा सरकार राज्य में व्यापार, उद्योग और रियल एस्टेट सेक्टर को गति देने तथा आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाने के लिए ज़मीन और निर्माण से जुड़े ज़ोनिंग नियमों में ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार के ‘डी-रेगुलेशन’ और ‘कम्प्लायंस रिडक्शन’ (Phase-2) अभ्यास के तहत अब नियमों का मूल मंत्र होगा— ‘जब तक किसी काम के लिए साफ तौर पर मना न किया गया हो, तब तक निर्माण और संचालन की पूरी इजाजत रहेगी’ | नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) द्वारा इस प्रस्तावित नीति को लेकर 30 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है।
स्वीकृत सूची खत्म होगी, लागू होगी ‘नो-गो लिस्ट’ (Prohibited List) : No Go List
मौजूदा व्यवस्था के तहत किसी भी लैंड यूज़ ज़ोन में केवल उन्हीं गतिविधियों को मंजूरी मिलती थी, जो सरकारी नियमों की स्वीकृत सूची (Permissible List) में शामिल होती थीं। यदि कोई नया बिजनेस, स्टार्टअप या निर्माण कार्य सूची में नहीं होता था, तो प्रशासनिक अनुमति मिलने में महीनों लग जाते थे।
नए संशोधन (No Go List) प्रस्ताव के तहत:
पुराने नियम खत्म होंगे: ज़ोनिंग नियमों में बदलाव कर स्वीकृत कामों की पुरानी सूची समाप्त की जाएगी।
प्रतिबंधित सूची लागू होगी: सरकार केवल उन गतिविधियों की एक ‘नो-गो लिस्ट’ (Prohibited List) जारी करेगी जो उस क्षेत्र में नहीं की जा सकतीं।
तुरंत मिलेगी मंजूरी: प्रतिबंधित सूची के बाहर के सभी कार्यों को मांग आधारित (Demand Driven) मानते हुए बिना किसी प्रशासनिक अड़चन के तुरंत निर्माण और संचालन की मंजूरी दी जाएगी।
पूरे प्रदेश और सभी प्राधिकरणों में लागू होगा नियम : No Go List
यह बदलाव केवल किसी एक शहर तक सीमित नहीं रहेगा। सार्वजनिक सूचना के अनुसार यह नियम नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अलावा प्रदेश के सभी प्रमुख विकास प्राधिकरणों (GMDA, FMDA, PMDA, SMDA और HMDA) पर लागू होगा।
No Go List : 30 दिनों के भीतर दे सकते हैं सुझाव और आपत्तियां
सरकार ने इस प्रस्तावित नीति को अंतिम रूप देने से पहले आम जनता, रियल एस्टेट विशेषज्ञों और व्यवसायियों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
ईमेल के जरिए: नागरिक अपनी राय ccpncrhry.zrobjections@gmail.com पर भेज सकते हैं।
डाक के जरिए: लिखित आवेदन ‘मुख्य समन्वयक योजनाकार (एनसीआर), द्वितीय तल, नगर योजना भवन, सेक्टर 18ए, मध्य मार्ग, चंडीगढ़’ के पते पर भेजे जा सकते हैं।
30 दिनों की समय सीमा पूरी होने के बाद सरकार प्राप्त सुझावों पर विचार करके इस नई नीति को पूरे राज्य में लागू कर देगी।
