Medanta Hospital के नाम पर किडनी का काला खेल: 3 करोड़ का लालच देकर साइबर ठगों ने बिछाया जाल
खुद को डॉक्टर बताने वाली महिला ने उससे पहले 8,000 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क मांगा और फिर 'करोड़ों की एडवांस राशि' जारी करने के नाम पर 20,000 रुपये और मांगे।

Medanta Hospital : साइबर सिटी में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों की साख को हथियार बनाकर मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। गुरुग्राम के प्रसिद्ध मेदांता-द मेडिसिटी अस्पताल के नाम पर किडनी खरीदने और बेचने का एक बड़ा साइबर रैकेट सामने आया है। ठगों ने एक किडनी के बदले 3 करोड़ रुपये देने का विज्ञापन देकर लोगों को ठगने का जाल बुना था।
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब मेदांता के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संजय दुरानी ने सदर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, इस गिरोह की मास्टरमाइंड खुद को प्रिया संतोष बताने वाली एक महिला है। उसने खुद को मेदांता की डॉक्टर बताते हुए एक फर्जी स्टाफ आईडी (1484628W) भी तैयार कर रखी थी।
ठगों ने मेदांता के लोगो का अवैध इस्तेमाल कर एक फर्जी वेबसाइट और कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे। सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिया गया कि अस्पताल को किडनी की सख्त जरूरत है और दान करने वाले को 3 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की ठगी का खुलासा प्रतीक्षा पुजारी नामक एक महिला की सतर्कता से हुआ। प्रतीक्षा ने अस्पताल प्रशासन को ईमेल कर बताया कि विज्ञापन देखकर उसने संपर्क किया था।
खुद को डॉक्टर बताने वाली महिला ने उससे पहले 8,000 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क मांगा और फिर ‘करोड़ों की एडवांस राशि’ जारी करने के नाम पर 20,000 रुपये और मांगे। शक होने पर जब प्रतीक्षा ने अस्पताल से संपर्क किया, तो पता चला कि प्रिया संतोष नाम की कोई डॉक्टर वहां है ही नहीं।
डॉ. संजय दुरानी ने पुलिस को बताया कि यह गिरोह न केवल लोगों को आर्थिक चपत लगा रहा है, बल्कि अस्पताल की वैश्विक छवि को भी धूमिल कर रहा है। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार के अवैध अंग व्यापार में शामिल नहीं हैं और न ही ऐसी कोई वेबसाइट संचालित करते हैं।

सदर थाना पुलिस ने आरोपी महिला प्रिया संतोष और उसके गिरोह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 319 और आईटी एक्ट की धारा 66(B) व 66(D) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अस्पताल के एमएस की शिकायत पर सदर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच शुरू कर दी गई है और जालसाजों के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। संदीप कुमार, पुलिस प्रवक्ता, गुरुग्राम












