Gurugram: धूल मिलने पर Joint Commissioner ने एजेंसी पर लगाया 25 हजार का जुर्माना
ओल्ड एसपीआर से वाटिका चौक तक सडक़ के दोनों साइड, न्यू एसपीआर घाटा चौक से वाटिका चौक, राजेश पायलट रोड़ एवं सेक्टर-65, 66 रोड़ सहित आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रोड के बाईं साइड में अधिक मात्रा में मिट्टी जमी हुई है।

Gurugram News Network – सफाई व्यवस्था में खामी पाए जाने पर स्वीपिंग मशीन संचालन कर रही एजेंसी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई संयुक्त आयुक्त-4 सुमित कुमार ने निरीक्षण के दौरान की है। सोमवार को संयुक्त आयुक्त सुमित कुमार व वरिष्ठ सफाई निरीक्षक देवेंद्र कुमार जोन-4 क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर सफाई कर्मचारियों तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली की जांच की तथा सुपरवाइजरों व सहायक सफाई निरीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अधिकारियों द्वारा ओल्ड एसपीआर से वाटिका चौक तक सडक़ के दोनों साइड, न्यू एसपीआर घाटा चौक से वाटिका चौक, राजेश पायलट रोड़ एवं सेक्टर-65, 66 रोड़ सहित आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रोड के बाईं साइड में अधिक मात्रा में मिट्टी जमी हुई है।

सडक़ पर मिट्टी उड़ रही है, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि इस रोड़ पर या तो एजेंसी द्वारा कार्य नहीं किया गया या फिर स्वीपिंग मशीन के बाईं साइड का ब्रश रोड़ पर नहीं टिक रहा है। इसके कारण रोड पर सफाई की हालत काफी खराब है।
संयुक्त आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि एजेंसी की लापरवाही के कारण एनजीटी के आदेशों की भी अवहेलना हो रही है एवं नगर निगम गुरुग्राम की छवि भी खराब हो रही है।
स्वीपिंग मशीन संचालन एजेंसी वीएन इंजीनियरिंग पर 25 हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं कि एक सप्ताह के अंदर उक्त सभी सडक़ों की पूर्णत: सफाई सुनिश्चित करके रिपोर्ट फोटो सहित कार्यालय में भिजवाई जाए। अगर एजेंसी ऐसा नहीं करती है, तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त अशोक कुमार गर्ग द्वारा सभी संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन अपने-अपने जोन में सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति तथा सफाई संसाधनों व वाहनों की उपलब्धता की जांच करके रिपोर्ट लेंगे।
औचक निरीक्षण करके सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही कोताही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। निगमायुक्त के निर्देशों की पालना में सभी संयुक्त आयुक्त अपने-अपने जोन का औचक निरीक्षण कर रहे हैं।












