Garbage Fee: गुरुग्राम का नया टैक्स नियम: घर के कचरे का अब प्रॉपर्टी टैक्स बिल में होगा भुगतान, फैसले पर भड़के लोग
निवासियों का आरोप, जब निगम घर से कूड़ा उठा ही नहीं रहा, तो फिर किस बात का टैक्स?

Garbage Fee : साइबर सिटी गुरुग्राम में रहने वाले मकान मालिकों को अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ-साथ ‘कचरा संग्रह शुल्क’ (Garbage Collection Charge) का भी अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा। नगर निगम गुरुग्राम ने संपत्तियों के बिलों में सीधे तौर पर इस नए शुल्क को जोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे शहर के विभिन्न सेक्टरों और सोसायटियों में खासा रोष देखा जा रहा है।
Garbage Fee : क्या है पूरा मामला?
निगम द्वारा जारी किए गए ताजा बिलों में इस शुल्क के जुड़ने से लोगों का बजट बिगड़ गया है। उदाहरण के तौर पर, सेक्टर-21 स्थित सूर्य विहार के निवासियों के बिलों में सीधे 540 रुपए का कचरा शुल्क जोड़ा गया है। वहीं, गोल्फ कोर्स रोड के पास स्थित सनसिटी टाउनशिप में संपत्तियों के आकार के हिसाब से 216 से 432 रुपए तक का अतिरिक्त शुल्क वसूलने के मामले सामने आए हैं।
Garbage Fee : क्या कहना है निगम का?
विभागीय सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने वर्ष 2018 में ही संपत्ति कर के साथ कचरा शुल्क वसूलने का नियम अधिसूचित कर दिया था। प्रदेश के अन्य शहरों में इसे आंशिक रूप से लागू भी किया गया था, लेकिन गुरुग्राम में इसे अब तक टाला गया था। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह शुल्क केवल कूड़ा उठाने के लिए नहीं, बल्कि सड़कों की सफाई और गलियों में झाड़ू लगाने के कार्यों के लिए भी है।
Garbage Fee : नागरिकों का दोहरी मार पर विरोध
शहर की विभिन्न रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले को ‘जनविरोधी’ करार दिया है। निवासियों का मुख्य तर्क है कि:
निगम द्वारा घर-घर से शत-प्रतिशत कूड़ा उठाने की कोई स्थायी या सुचारू व्यवस्था नहीं है।
वर्तमान में निगम की लचर व्यवस्था के कारण लोग निजी स्तर पर कचरा उठाने वाले कर्मचारियों (रेहड़ी-पटरी वालों) को 50 से 150 रुपए प्रति माह का भुगतान कर रहे हैं।
निगम की ओर से स्थायी व्यवस्था न होने के बावजूद टैक्स बिलों में इस नए चार्ज को जोड़ना ‘दोहरा भुगतान’ और आम जनता के साथ अन्याय है।
निगम अभी भी पूरी तरह से छोटे ठेकेदारों और अस्थाई एजेंसियों के भरोसे शहर की सफाई व्यवस्था चला रहा है। ऐसे में बिना उचित सेवा दिए इस तरह की वसूली शहरवासियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है।