Hunger Strike In Jail : जेल में कैदियों ने शुरू की भूख हड़ताल, लगाए गंभीर आरोप
कैदियों द्वारा जारी एक हस्तलिखित नोट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने अपनी व्यथा साझा की है।

Hunger Strike In Jail : हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित नीमका जिला जेल में संदिग्ध आंतकि की हत्या करने के बाद तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। जेल के अंदर व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती बरती जा रही है। जेल के अंदर दोबारा से कोई अपराध नहीं हो,उसकी रोकथाम के लिए व्यवस्थाएं बनाई जा रही है।
ऐसे में फरीदाबाद जेल प्रशासन द्वारा जेल में बंद कैदी और बंदी को सप्ताह में फोन कॉल की मिलने की वाली व्यवस्थाओं में भी बदलाव किया गया है। जेल प्रशासन ने साप्ताहिक फोन कॉल की संख्या को घटा दिया गया है। इसके विरोध में 40 से अधिक कैदी शनिवार से भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। कैदियों का आरोप है कि जेल अधिकारी न केवल उनके अधिकारों का हनन कर रहे हैं, बल्कि आवाज उठाने पर उन्हें जान से मारने और बैरक में बंद करने की धमकियां भी दे रहे हैं।
कैदियों द्वारा जारी एक हस्तलिखित नोट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने अपनी व्यथा साझा की है। नोट के अनुसार, पहले कैदियों को अपने परिजनों से बात करने के लिए हफ्ते में तीन बार फोन कॉल की सुविधा दी जाती थी। बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस कारण के, जेल प्रशासन ने इस संख्या को घटाकर दो कर दिया है।
जब कुछ बंदियों ने इस कटौती का कारण जानना चाहा, तो कथित तौर पर जेल अधिकारियों ने उनके साथ गाली-गलौज की। कैदियों का दावा है कि अधिकारियों ने उन्हें डराते हुए कहा कि यदि किसी ने विरोध किया, तो उन्हें कभी जेल से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
जेल सूत्रों के अनुसार, यह सख्त कदम हाल ही में नीमका जेल में हुई एक हिंसक वारदात के बाद उठाया गया है। कुछ दिन पहले, अयोध्या स्थित राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने के आरोपी एक कैदी की उसकी ही सेल में दूसरे कैदी द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे और कई अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था। माना जा रहा है कि इसी सुरक्षा ऑडिट के तहत फोन सुविधाओं में कटौती की गई है।
भूख हड़ताल पर बैठे कैदियों ने अपने नोट में लिखा है कि जेल अधिकारी सीसीटीवी कैमरे बंद करके उनकी पिटाई करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि भूख हड़ताल के दौरान किसी भी बंदी की तबीयत बिगड़ती है या कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जेल प्रशासन की होगी। (Hunger Strike In Jail)









