Haryana News : हरियाणा सरकार कराएगी हजूर साहिब के फ्री दर्शन! रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बदली, जल्द करें आवेदन !

Haryana News : हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़, महाराष्ट्र के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण तिथि बढ़ाकर अब 30 अप्रैल कर दी गई है। पहले यह तिथि 15 अप्रैल निर्धारित थी, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या कम रहने के कारण यह निर्णय लिया गया है।
डीसी उत्तम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत पहली विशेष रेलगाड़ी 5 मई को कुरुक्षेत्र से रवाना होगी, जिसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिक इस योजना का लाभ उठा सकें, इसके लिए पंजीकरण अवधि को बढ़ाया गया है। गुरुग्राम जिले के श्रद्धालु नई दिल्ली के निर्धारित रेलवे स्टेशन से विशेष रेलगाड़ी में सवार होकर तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़ के लिए रवाना होंगे।
योजना का किसको मिलेगा लाभ ?
उन्होंने बताया कि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जिनकी पारिवारिक आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम है, वे इस योजना के तहत निःशुल्क यात्रा कर सकते हैं। पात्र व्यक्ति सरल हरियाणा पोर्टल या नजदीकी सीएससी सेंटर के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं।

योजना का लाभ उठाने के लिए यह होगी पात्रता
डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि आवेदन के लिए वैध फोटो पहचान पत्र, परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), शारीरिक रूप से यात्रा के लिए फिट होने की स्वयं घोषणा तथा पिछले तीन वर्षों में योजना का लाभ न लेने की घोषणा आवश्यक है। आवेदक का हरियाणा का निवासी होना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिक एक सहायक को पूर्ण भुगतान पर साथ ले जा सकते हैं। वहीं 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग या 1.80 लाख से अधिक आय वाले व्यक्ति भी पूर्ण भुगतान कर इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं। योजना के अनुसार, कोई भी व्यक्ति हर तीन वर्षों में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है। (Haryana News)
डीसी ने बताया कि इस योजना के तहत यात्रियों के ठहरने, खाने और स्थानीय परिवहन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी।
पंजीकरण के बाद डीआईपीआरओ कार्यालय में सूचना देना जरूरी है । डीसी ने बताया कि पंजीकरण के उपरांत श्रद्धालु लघु सचिवालय के छठे तल पर स्थित जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में भी अपनी सूचना अवश्य दें, ताकि जिले से जाने वाले श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड तैयार कर रेलवे को भेजा जा सके। (Haryana News)