Gurugram बनेगा डस्ट फ्री : सड़कों की सफाई के लिए 470 करोड़ का महा-प्लान तैयार, जानें क्या है नया प्लान
3800 किमी सड़कों पर उतरेंगी 39 नई स्वीपिंग मशीनें, वायु प्रदूषण से निपटने को नगर निगम का अब तक का सबसे बड़ा निवेश

Gurugram Will Become Dust Free : साइबर सिटी की हवा को साफ करने और सड़कों को चमकाने के लिए नगर निगम (MCG) ने एक बड़े बदलाव की नींव रख दी है। शहर की लगभग 3800 किलोमीटर लंबी सड़कों की सफाई के लिए निगम ने 470 करोड़ रुपये का एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। सोमवार को इस संशोधित प्रशासनिक प्रस्ताव को मंजूरी के लिए हरियाणा सरकार के पास भेज दिया गया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य गुरुग्राम के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार लाना और सड़कों पर उड़ने वाली उस धूल को खत्म करना है, जो प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बनती है।

जवाबदेही होगी तय नगर निगम ने इस बार ‘क्लस्टर आधारित’ कार्यप्रणाली अपनाई है। पूरे शहर को चार वित्तीय क्षेत्रों (Zones) में विभाजित किया गया है। हर जोन में मशीनी और मैनुअल सफाई का जिम्मा एक ही एजेंसी को दिया जाएगा ताकि कचरा प्रबंधन में लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
जोनवार बजट आवंटन:

जोन 1: 145.5 करोड
जोन 2: 64.2 करोड़
जोन 3: 81.8 करोड़
रात में चमकेगी सड़कें वर्तमान में गुरुग्राम में सफाई संसाधनों की भारी किल्लत है। 1400 किमी मुख्य सड़कों के लिए महज 18 मशीनें हैं। इसे देखते हुए निगम 39 नई अत्याधुनिक रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदने जा रहा है। इनमें 20 बड़ी और 4 मध्यम आकार की मशीनें होंगी, जिन पर लगभग ₹29.6 करोड़ का निवेश होगा। ये मशीनें मुख्य रूप से रात के समय काम करेंगी ताकि सुबह लोगों को साफ सड़कें मिलें।

वीकेंड और बाजारों के लिए ‘स्पेशल प्रोटोकॉल’ (नया कंटेंट) निगम ने इस बार केवल सामान्य सफाई ही नहीं, बल्कि हाई-फुटफॉल क्षेत्रों के लिए विशेष रणनीति बनाई है, सदर बाजार और सोहना चौक पर अब दिन में कई बार सफाई होगी। हर 30 कर्मचारियों पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली तैनात होगी, जिससे कचरा सड़क किनारे जमा होने के बजाय सीधे डंपिंग साइट पहुंचेगा। शनिवार और रविवार को बाजारों में भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
सफाई का दायरा: 3800 किमी सड़कें
39 रोड स्वीपिंग मशीनें
मैनपावर: 4,904 कर्मचारी
डोर-टू-डोर वाहन: 400
सेहत और रैंकिंग पर सीधा असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से गुरुग्राम की ‘स्वच्छ भारत रैंकिंग’ में सुधार होगा। साथ ही, धूल कम होने से सांस संबंधी बीमारियों (Respiratory diseases) में बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है। वर्तमान में तैनात 4,904 सफाई कर्मचारियों के साथ इन मशीनों का तालमेल शहर का हुलिया बदल देगा।
सड़कों की सफाई के लिए अगले पांच वर्षों का रोडमैप तैयार है। निजी एजेंसियों को क्लस्टर के आधार पर काम सौंपने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। अनुमति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सुंदर श्योराण, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम, गुरुग्राम











