High Tech Cameras से लैस होगा गुरुग्राम, अब कूड़ा फेंकने और ट्रैफिक नियम तोड़ने पर सीधे घर पहुंचेगा चालान
जीएमडीए के आईसीसीसी से जुड़ेगा पूरा शहर, दिसंबर 2026 तक 23 प्रमुख जंक्शनों समेत मानेसर, सोहना रोड और साइबर सिटी जैसे इलाके होंगे पूरी तरह हाईटेक

High Tech Cameras/गुरुग्राम
साइबर सिटी गुरुग्राम को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने अपनी स्मार्ट सिटी योजना को रफ्तार दे दी है। अब शहर में केवल ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर ही नहीं, बल्कि सड़कों पर कचरा फेंकने और मानसून के दौरान जलभराव पैदा करने वाली जगहों पर भी 24 घंटे कैमरों की पैनी नजर रहेगी।

दिसंबर 2026 तक पूरे शहर में 4,287 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों का एक मजबूत निगरानी नेटवर्क तैयार कर लिया जाएगा। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीसी मीणा ने मंगलवार को समीक्षा बैठक के दौरान इस नेटवर्क को सीधे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से प्रभावी रूप से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
कैमरों का गणित: फेज-1 से लेकर मारुति सुजुकी के सहयोग तक
गुरुग्राम में कैमरों का यह विशाल नेटवर्क मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बांटा गया है:
फेज-1 (1,200 कैमरे सक्रिय): इसमें पहले से ही 750 जनरल सर्विलांस, 308 ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR), 102 रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (RLVD), 48 फेस रिकॉग्निशन और 28 PTZ कैमरे काम कर रहे हैं।
फेज-2 (2,722 नए कैमरे): इस चरण के तहत 1,406 ANPR, 759 जनरल सर्विलांस, 347 फेस रिकॉग्निशन, 102 RLVD, 74 PTZ कैमरे और 20 नए स्पीड रडार इंस्टॉल किए जा रहे हैं।
एमएसआईएल और सेफ हरियाणा एमओयू (365 कैमरे): मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) और उत्कृष्ट सोसाइटी फॉर सेफ हरियाणा के सहयोग से 23 प्रमुख जंक्शनों पर 365 कैमरे और 29 स्पीड रडार लगाए जा रहे हैं।
इसके अलावा, मारुति सुजुकी अपने सीएसआर (CSR) प्रोजेक्ट के अगले चरण में मानेसर, आईएमटी, सोहना रोड, पालम विहार और सुशांत लोक जैसे क्षेत्रों के 69 अन्य जंक्शनों पर 1,000 अतिरिक्त कैमरे भी लगाएगी।
मानवीय दखल खत्म, नियमों का उल्लंघन करते ही कटेगा ऑटोमैटिक चालान
जीएमडीए सीईओ पीसी मीणा के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं, बल्कि सड़क पर अनुशासन लाना है। ANPR, RLVD और स्पीड रडार जैसे आधुनिक टूल्स के जरिए ओवर-स्पीडिंग या सिग्नल तोड़ने पर ऑटोमैटिक चालान जनरेट होगा। इससे पुलिस का मानवीय हस्तक्षेप खत्म होगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
जलभराव और अवैध कचरा डंपिंग पर तत्काल एक्शन
स्मार्ट प्रोजेक्ट के तहत अब शहर के ड्रेनेज सिस्टम, नालों के मुहानों, संभावित जलभराव वाली जगहों और अवैध गारबेज डंपिंग यार्ड पर भी विशेष सीसीटीवी कैमरे तैनात किए जाएंगे। आईसीसीसी (ICCC) रूम से अधिकारी इन जगहों पर लाइव नजर रखेंगे, ताकि जलभराव या कचरा जमा होने की स्थिति में संबंधित नगर निगम या जीएमडीए की टीमें बिना देरी किए तुरंत मौके पर कार्रवाई कर सकें।