Gurugram: सफाई एजेंसियों को सख्त हिदायत,रोजाना उठना चाहिए डोर टू डोर कूड़ा
आयुक्त ने राजस्व शाखा को नई डंपिंग साइट के लिए भूमि चिन्हित करने के आदेश दिए। उन्होंने निगम अधिकारियों को सेक्टर-8 डंपिंग साइट से कूड़े का प्रोसेस करने वाली एजेंसी के काम की निगरानी रखने और कूड़े के प्रोसेस से निकलने वाले आरडीएफ (रिफ्यूज ड्राइव्ड फ्यूल) व कम्पोस्ट आदि का प्रमाण पत्र भी लेने के निर्देश दिए।

Gurugram News Network – गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के आयुक्त आयुष सिन्हा ने निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आज एक महत्वपूर्ण बैठक की। घरों से कूड़ा उठाने व सड़कों की सफाई करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई इस बैठक में आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि तय शर्तों के अनुसार संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए, तो नियमानुसार सख्त पैनल्टी लगाई जाएगी।
आयुक्त आयुष सिन्हा ने हिदायत देते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी एजेंसियों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) पोर्टल पर रोजाना डाटा अपलोड करना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वार्ड में पार्षदों से संतुष्टि पत्र मिलने के बाद ही एजेंसी को भुगतान किया जाएगा, ताकि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
प्रमुख निर्देश और अपेक्षाएं:
- जीपीएस युक्त वाहन: कूड़े का उठान करने वाली सभी गाड़ियों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगा होना अनिवार्य है।
- दैनिक कूड़ा उठान: निगम क्षेत्र से रोजाना डोर-टू-डोर कूड़ा उठाना एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
- जीवीपी पॉइंट्स की सफाई: गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (जीवीपी) को भी प्रतिदिन साफ करना होगा।
- रिहायशी इलाकों में दो चक्कर: रिहायशी इलाकों में एक दिन में कम से कम दो चक्कर लगाकर कूड़ा उठाया जाना चाहिए, जरूरत पड़ने पर फेरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
- मार्केट एरिया के लिए समय: जिन गांवों में मार्केट एरिया लगता है, वहां पर कूड़ा उठाने की गाड़ियां सुबह 9 बजे के बाद ही जाएंगी।
निगरानी और जवाबदेही तय:
आयुक्त ने एजेंसियों के काम की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए स्वच्छता शाखा के अधिकारी व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की। उन्होंने दो टूक कहा कि मानेसर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आयुक्त ने राजस्व शाखा को नई डंपिंग साइट के लिए भूमि चिन्हित करने के आदेश दिए। उन्होंने निगम अधिकारियों को सेक्टर-8 डंपिंग साइट से कूड़े का प्रोसेस करने वाली एजेंसी के काम की निगरानी रखने और कूड़े के प्रोसेस से निकलने वाले आरडीएफ (रिफ्यूज ड्राइव्ड फ्यूल) व कम्पोस्ट आदि का प्रमाण पत्र भी लेने के निर्देश दिए।

बैठक में अतिरिक्त आयुक्त जितेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त हितेंद्र कुमार, एक्सईएन निजेश कुमार, एसडीओ शशिकांत, एसओ महावीर सोढ़ी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।












