Gurugram Monsoon Safety : अब नहीं रहेगा बारिश में करंट का डर, नगर निगम ने ढूंढ निकाला यह अनोखा तरीका
अमूमन देखा गया है कि सड़कों पर 2 से 3 फीट पानी भरने के बाद बिजली के खंभों के जंक्शन बॉक्स पानी में डूब जाते हैं।

Gurugram Monsoon Safety : आगामी मानसून सीजन के दौरान शहर में जलभराव और करंट लगने (Electrocution) की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने युद्ध स्तर पर सुरक्षा पहल शुरू की है। मानसून की तैयारियों के तहत निगम द्वारा शहर के सभी चारों जोनों में उन बिजली के खंभों को चिन्हित किया जा रहा है, जो खुले तारों या जर्जर हालत के कारण बेहद संवेदनशील और खतरनाक हैं। आमजन की सुरक्षा के लिए इन खंभों को पीवीसी (PVC) पाइप से कवर किया जा रहा है।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा एमसीजी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए बिजली के साथ-साथ जलभराव रोकने, ड्रेनेज-नालों की सफाई और सीवर नेटवर्क की निगरानी के लिए भी विशेष टीमों का गठन किया गया है।
नगर निगम की तकनीकी टीमों द्वारा पूरे शहर में एक विशेष सर्वेक्षण (Survey) चलाया जा रहा है। इस अभियान में विशेष रूप से उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो ‘लो-लाइंग एरिया’ (निचले इलाके) हैं और जहां हल्की बारिश में भी भारी जलभराव हो जाता है।
लोहे या कंक्रीट के खंभों के निचले हिस्से पर, जहां इंसानों या मवेशियों का हाथ/शरीर छूने की संभावना सबसे ज्यादा होती है, वहां इंसुलेटर के रूप में मजबूत पीवीसी पाइप की कोटिंग की जा रही है।
इससे बारिश के पानी के कारण यदि खंभे में शॉर्ट-सर्किट या लीकेज होता भी है, तो पानी के संपर्क में आने वाले राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों तक करंट नहीं फैलेगा।
गुरुग्राम में मानसून के दौरान करंट लगने से मौतें और दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या रही हैं। पिछले वर्षों में साइबर सिटी के विभिन्न इलाकों (जैसे गोल्फ कोर्स रोड, सुशांत लोक, और ओल्ड दिल्ली रोड) में जलभराव के दौरान बिजली के खंभों और भूमिगत केबलों (Underground Cables) में करंट आने से कई दुखद हादसे हो चुके हैं। अमूमन देखा गया है कि सड़कों पर 2 से 3 फीट पानी भरने के बाद बिजली के खंभों के जंक्शन बॉक्स पानी में डूब जाते हैं। इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए इस बार मानसून के आने से पहले ही डैमेज कंट्रोल और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस (निवारक रखरखाव) के तहत यह कदम उठाया गया है।
नगर निगम ने इस सुरक्षा अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए साइबर सिटी के निवासियों (RWAs और नागरिकों) से भी सहयोग मांगा है।प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे भारी बारिश के दौरान बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और विज्ञापनों वाले होर्डिंग्स (जिनमें लाइटिंग होती है) के पास खड़े होने या उनके नीचे वाहन पार्क करने से बचें।
यदि आपके वार्ड, गली या मुख्य सड़क पर कोई बिजली का खंभा क्षतिग्रस्त है, जंक्शन बॉक्स खुला है, या तार लटके हुए हैं, तो उसकी फोटो और लोकेशन तुरंत नगर निगम के टोल-फ्री नंबर या सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करें। हमारी टीम तुरंत वहां पहुंचकर सुधारात्मक कार्रवाई करेगी। — प्रदीप दहिया, निगमायुक्त, गुरुग्राम