Gurugram Metro की अड़चनें होंगी दूर : एलिवेटेड सड़कों और अंडरपास पर GMDA व GMRL मिलकर बनाएंगें रणनीति
जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा के दौरे के बाद शहर की तीन प्रमुख सड़कों को एलिवेटेड बनाने का प्रस्ताव सामने आया है। इनमें से कुछ सड़कें सीधे मेट्रो कॉरिडोर के दायरे में आ रही हैं।

Gurugram Metro : मिलेनियम सिटी में मेट्रो विस्तार की राह देख रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने दूसरे चरण (Phase-2) के निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने की कवायद तेज कर दी है। इस बार मुख्य फोकस मेट्रो कॉरिडोर और जीएमडीए (GMDA) की प्रस्तावित सड़कों के बीच तालमेल बैठाने पर है, ताकि भविष्य में निर्माण कार्यों में टकराव न हो।
हाल ही में जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा के दौरे के बाद शहर की तीन प्रमुख सड़कों को एलिवेटेड बनाने का प्रस्ताव सामने आया है। इनमें से कुछ सड़कें सीधे मेट्रो कॉरिडोर के दायरे में आ रही हैं।

ओल्ड दिल्ली रोड को अतुल कटारिया चौक से डूंडाहेड़ा तक एलिवेटेड किया जाता है, तो मेट्रो को उसके ऊपर से गुजरना होगा। ऐसी स्थिति में मेट्रो पिलर की ऊंचाई बढ़ानी होगी और यह एक ‘डबल स्टोरी’ स्ट्रक्चर बन सकता है।
पहले फेज-2 के रूट पर पांच अंडरपास प्रस्तावित थे, लेकिन यदि सड़कें एलिवेटेड बनती हैं, तो कई अंडरपास की जरूरत खत्म हो जाएगी। जीएमआरएल अब इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करा रहा है ताकि टेंडर प्रक्रिया से पहले स्थिति स्पष्ट हो सके।
मेट्रो निर्माण की समयसीमा (Deadline) को ध्यान में रखते हुए जीएमआरएल ने निर्णय लिया है कि वह अन्य विभागों की रिपोर्ट का इंतजार करने के बजाय खुद फिजिबिलिटी स्टडी कराएगा। इससे यह तय हो पाएगा कि एलिवेटेड सड़कों के कारण मेट्रो के पिलर्स और स्टेशनों की ऊंचाई में कहाँ और कितना बदलाव करना है।
पिछले दिनों चर्चा थी कि मेट्रो के कुछ हिस्से को अंडरग्राउंड किया जा सकता है, लेकिन जीएमआरएल के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो कॉरिडोर एलिवेटेड ही रहेगा।

इस परियोजना में केंद्र और राज्य सरकार की 50:50 की हिस्सेदारी है। साथ ही विश्व बैंक जैसे संस्थानों से फंडिंग जुड़ी है। डिजाइन बदलने से न केवल लागत (Cost) बहुत अधिक बढ़ जाएगी, बल्कि नई मंजूरियां लेने में भी लंबा वक्त लगेगा।
दूसरे चरण में सेक्टर-9 से साइबर सिटी के बीच कुल 28.05 किलोमीटर का काम होना है। इसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में स्टेशन प्रस्तावित हैं:

सेक्टर 4, 5, 7, 22 और 23A
अशोक विहार, पालम विहार और पालम विहार एक्सटेंशन
बजघेड़ा रोड, उद्योग विहार फेज-4 व 5
पालम विहार क्षेत्र में निर्माण शुरू होने से पहले मेजर सुशील आइमा मार्ग पर स्थित ‘लेग-1 ड्रेन’ को शिफ्ट या पुनर्निर्मित करने का जिम्मा जीएमडीए को दिया गया है। वहीं, सेक्टर-33 में डिपो निर्माण के लिए भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।











