Gurugram की हवा सांस लेने लायक नहीं: प्रदूषण में देश में 13वां स्थान, GRAP बेअसर
गुरुग्राम शहर देश के 13वें सबसे ज़हरीले शहरों में शामिल हो चुका है। हवा में मौजूद PM$ 2.5 (2.5 माइक्रोमीटर से छोटे कण) की मात्रा यहाँ सर्वाधिक पाई गई है।

Gurugram : मिलेनियम सिटी गुरुग्राम की वायु गुणवत्ता ने अब स्वास्थ्य के लिए खतरनाक स्तर पार कर लिया है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA ) की सैटेलाइट आधारित नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गुरुग्राम की हवा अब “स्थायी रूप से सांस लेने लायक नहीं” रह गई है। प्रदूषण के मामले में गुरुग्राम ने गंभीर तथ्य पेश किए हैं, जहाँ AQI ( 303 ) दर्ज किया गया है और यह शहर हरियाणा में प्रदूषण के मामले में पहले पायदान पर है।
रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम शहर देश के 13वें सबसे ज़हरीले शहरों में शामिल हो चुका है। हवा में मौजूद PM$ 2.5 (2.5 माइक्रोमीटर से छोटे कण) की मात्रा यहाँ सर्वाधिक पाई गई है। इन अति-सूक्ष्म कणों का सीधा प्रवेश फेफड़ों और रक्तधारा में होता है, जो निवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं, विशेषकर श्वास संबंधी, उत्पन्न कर रहा है।
बुधवार को भी शहर में हवा की गुणवत्ता गंभीर बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( CPCB ) के आँकड़ों के अनुसार:
गुरुग्राम का AQI: 272

मानेसर का AQI: 331
मानेसर में जर्जर सड़कों के कारण वाहनों के चलने से उड़ने वाली धूल स्थिति को सबसे ज़्यादा खराब कर रही है। बीते एक महीने से हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है, जिससे लोगों को साँस से संबंधित तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदूषण के गंभीर हालात को देखते हुए गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम ने चालान काटने के साथ-साथ पानी के छिड़काव पर ज़ोर दिया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नौरंगपुर इलाके में एक क्रशर प्लांट को बंद कराया है और रात के समय चलने वाली औद्योगिक इकाइयों को भी बंद करने का आदेश दिया है।
हालांकि, अधिकारियों द्वारा किए गए इन सभी प्रयासों के बावजूद, ग्रेप-3 (GRAP-3) की पाबंदियाँ शहर की हवा में कोई ठोस सुधार लाने में बेअसर दिखाई दे रही हैं।

प्रदूषण के साथ-साथ शहर के तापमान में भी लगातार गिरावट जारी है। बुधवार को अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में इस गिरावट के कारण सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ गई है, जिससे प्रदूषित कण निचले वायुमंडल में ठहर रहे हैं और धुंध की समस्या बढ़ रही है, जो स्वास्थ्य जोखिमों को और बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट की आशंका जताई है।











