New Year से पहले हटी GRAP-4 की पाबंदियां: प्रदूषण में सुधार के बाद फैसला, जानें क्या खुलेगा और किन चीजों पर रहेगी रोक?
आयोग के अनुसार, तेज हवाओं और अनुकूल मौसम के कारण कल रात से दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है ।

New Year : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में छाई जहरीली धुंध की चादर धीरे-धीरे छंटने लगी है। दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता में आए सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उप-समिति ने तत्काल प्रभाव से GRAP-4 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का चौथा चरण) की पाबंदियों को हटाने का निर्णय लिया है । यह आदेश बुधवार को जारी किया गया, जिससे निर्माण कार्यों और वाहनों के प्रवेश पर लगी सबसे सख्त पाबंदियों में ढील मिलेगी।
आयोग के अनुसार, तेज हवाओं और अनुकूल मौसम के कारण कल रात से दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है । 24 दिसंबर 2025 को दिल्ली का AQI 271 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में आता है । हालांकि, यह स्तर पिछले सप्ताह के ‘गंभीर+’ (450 से अधिक) स्तर से काफी बेहतर है ।

GRAP-4 हटने का मतलब है कि दिल्ली में डीजल से चलने वाले मध्यम और भारी माल वाहनों (HGV/MGV) के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध अब हट जाएगा। इसके अलावा, जिन निर्माण कार्यों (जैसे हाईवे, फ्लाईओवर, पावर ट्रांसमिशन) पर पूरी तरह रोक थी, उनमें अब राहत मिल सकेगी।
हालांकि, नागरिकों को यह ध्यान रखना होगा कि GRAP-1, II और III के तहत लागू प्रतिबंध अभी भी पूरी तरह प्रभावी रहेंगे । इसका अर्थ है:
निर्माण कार्यों पर रोक: निजी निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर तीसरे चरण के तहत पाबंदी जारी रहेगी ।

वाहनों पर सख्ती: BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर लगा प्रतिबंध अभी भी लागू रह सकता है (संशोधित नियमों के अनुसार)
धूल नियंत्रण: सड़कों पर पानी का छिड़काव और धूल उड़ने वाली गतिविधियों पर निगरानी तेज की जाएगी ।
मौसम विभाग की चेतावनी: फिर बढ़ सकता है प्रदूषण
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि IMD और IITM के पूर्वानुमान बताते हैं कि आने वाले दिनों में हवा की गति फिर से धीमी हो सकती है, जिससे AQI में दोबारा बढ़ोतरी की संभावना है । इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने सभी एजेंसियों को सतर्क रहने और पहले तीन चरणों की कार्रवाइयों को और अधिक तीव्रता से लागू करने का निर्देश दिया है ।
आयोग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे प्रदूषण कम करने में सहयोग दें और ‘सिटिजन चार्टर’ का कड़ाई से पालन करें । उप-समिति स्थिति पर पैनी नजर रख रही है और भविष्य में वायु गुणवत्ता के आधार पर निर्णय लिए जाएंगे ।













