Good News : गुरुग्राम में अब हर घर से उठेगा कुड़ा, 607 करोड़ की योजना को मिली मंज़ूरी

कचरा संकट जून 2024 में तब शुरू हुआ था जब 'इको ग्रीन' कंपनी का ठेका रद्द किया गया था। इसके बाद की अस्थायी व्यवस्थाएं भी पूरी तरह विफल रहीं।

Good News : मिलेनियम सिटी के लाखों निवासियों के लिए राहत की बड़ी खबर है। पिछले दो वर्षों से शहर की चरमराई हुई सफाई व्यवस्था अब जल्द ही पटरी पर लौटने वाली है। नगर निगम गुरुग्राम (MCG) द्वारा घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भेजे गए 607 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट प्रस्ताव को राज्य सरकार ने अंतिम मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उम्मीद जागी है कि शहर की गलियों और मुख्य सड़कों पर लगे कूड़े के पहाड़ अब इतिहास बन जाएंगे।

700 नए वाहनों का बेड़ा: हर घर तक होगी पहुंच

नई योजना के तहत कचरा प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह आधुनिक बनाया जा रहा है। शहर के हर कोने, गली और मोहल्ले को कवर करने के लिए 700 नए वाहनों का एक विशाल बेड़ा तैनात किया जाएगा।

  • लक्ष्य: शत-प्रतिशत घरों से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करना।

  • फोकस: अभी तक कई इलाकों में वाहन नहीं पहुंच पा रहे थे, जिससे अवैध डंपिंग बढ़ रही थी। अब नए वाहनों के आने से सफाई में नियमितता आएगी।

नियमों में ढील: अब और अधिक अनुभवी कंपनियां ले सकेंगी हिस्सा

इस बार टेंडर की प्रक्रिया और योग्यता शर्तों में बड़ा बदलाव किया गया है ताकि प्रतिस्पर्धा बढ़े और बेहतर एजेंसियां सामने आएं।

भौगोलिक दायरा बढ़ा: पहले केवल ‘मेट्रोपॉलिटन सिटी’ में काम करने का अनुभव मांगा गया था।

संशोधित नियम: अब पिछले 7 वर्षों (2018-2025) में किसी भी ‘नगर निगम क्षेत्र’ में कचरा प्रबंधन का अनुभव रखने वाली कंपनियां टेंडर भर सकेंगी।

उद्देश्य: अधिक कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित कर प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाना।

 6 बार बदले गए नियम

गुरुग्राम में कचरा संकट जून 2024 में तब शुरू हुआ था जब ‘इको ग्रीन’ कंपनी का ठेका रद्द किया गया था। इसके बाद की अस्थायी व्यवस्थाएं भी पूरी तरह विफल रहीं। जुलाई 2024 से अब तक टेंडर की शर्तों (RFP) में 6 बार बदलाव किए गए। अकेले वर्ष 2025 में ही चार बार (मई, जून, सितंबर और दिसंबर) नियमों को बदला गया, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे।(Good News)

गंदगी से बीमारियों का खतरा होगा कम

पिछले दो सालों से संसाधनों के अभाव में शहर की स्वच्छता रैंकिंग भी गिरी थी। रिहायशी इलाकों और सड़कों के किनारे कचरा जमा होने से बदबू और बीमारियों का डर बना हुआ था। निगम अधिकारियों का मानना है कि नए टेंडर लागू होने से न केवल शहर साफ होगा, बल्कि स्वच्छता सर्वेक्षण में भी गुरुग्राम की स्थिति में सुधार होगा। (Good News)

निगम की तरफ से भेजे गए नए RFP को मुख्यालय से अनुमति मिल गई है। हमने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। शहरवासियों को जल्द ही कूड़े की समस्या से स्थायी और आधुनिक समाधान मिलेगा।”

 प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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