गुरुग्राम पुलिस का Operation Clean : 20 दिनों में 135 साइबर ठग दबोचे, ठगी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़
साइबर अपराधियों पर पुलिस का काल बनकर टूटी टीमें; 1.93 लाख कैश और 11 मोबाइल बरामद, हर ठग पर पैनी नजर

Operation Clean : साइबर सिटी में सक्रिय ठगों के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक अभियान छेड़ दिया है। पुलिस की साइबर अपराध टीमों ने पिछले तीन हफ्तों (01 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक) के भीतर ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए कुल 135 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है।
विभिन्न तरीकों से लोगों को बनाते थे निशाना
पकड़े गए आरोपी तकनीक का सहारा लेकर आम जनता की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये ठग मुख्य रूप से इन तरीकों का इस्तेमाल कर रहे थे:
इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग फ्रॉड: निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देना।
डिजिटल अरेस्ट: खुद को CBI, पुलिस या NCB अधिकारी बताकर लोगों को डराना।
साइबर स्लेवरी: विदेश में नौकरी का झांसा देकर अवैध गतिविधियों में शामिल करना।
अन्य माध्यम: फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन, क्रेडिट कार्ड अपडेट, लोन फ्रॉड और चालान से संबंधित धोखाधड़ी।
बरामदगी और पुलिस की तकनीक
गुरुग्राम की विभिन्न साइबर थाना टीमों ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी इनपुट के आधार पर इन 135 आरोपियों को घेरा। इनके कब्जे से पुलिस ने:
01 लाख 93 हजार रुपये की नकदी।
11 हाई-टेक मोबाइल फोन (जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था) बरामद किए हैं।
पुलिस अब इन मोबाइल फोन्स के जरिए इनके नेटवर्क के अन्य गुर्गों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।
🚨 गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर IPS विकास अरोड़ा की अपील
“साइबर अपराधों के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस निरंतर व्यापक और तकनीकी जांच कर रही है। हम हर उस शख्स को चिन्हित कर रहे हैं जो मासूम नागरिकों को ठगने का काम कर रहा है। नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेरी आम जनता से अपील है कि:
किसी भी अनजान कॉल, व्हाट्सऐप या सोशल मीडिया मैसेज पर भरोसा न करें।
स्वयं को अधिकारी बताकर ‘Digital Arrest’ करने वाले ठगों से कतई न डरें, पुलिस कभी फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत National Cyber Helpline 1930 पर दर्ज कराएं।”
गुरुग्राम पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि शहर में साइबर सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। 20 दिनों में इतने बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।