Water Logging : गुरुग्राम में GMDA की इस साल होगी ‘पानी परीक्षा’, दावा – नहीं भरने दिया जाएगा पानी

Water Logging : मॉनसून के दौरान हर साल गुरुग्राम की मुख्य सड़कों पर होने वाले जलभराव को लेकर एक बार फिर से सिविक एजेंसियों ने अपने अपने दावे करने शुरु कर दिए है । जीएमडीए का दावा है कि इस साल गुरुग्राम में जलभराव नहीं होने दिया जाएगा । इसको लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं । गुरुवार को जारी किए गए प्रेस नोट में जीएमडीए का दावा है कि सुभाष चौक और शीतला माता रोड़ पर पानी नहीं भरने दिया जाएगा ।
मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने शहर के दो प्रमुख जलभराव प्रभावित स्थानों सुभाष चौक और शीतला माता रोड पर बरसाती पानी निकासी व्यवस्था को मजबूत किया है । दावा है कि इन कार्यों का उद्देश्य बारिश के पानी की तेज़ से निकासी सुनिश्चित करना, जलभराव की समस्या को कम करना तथा भारी बारिश के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है ।
साढे 7 KM लंबे नालों से निकाली गाद
सुभाष चौक इलाके में जल निकासी क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर नालों से गाद निकाली गई है। मिलेनियम सिटी सेंटर से सुभाष चौक तक 4.5 किलोमीटर लंबे सतही नालों से गाद निकाली गई, जबकि सुभाष चौक से हीरो होंडा चौक तक लगभग 3 किलोमीटर लंबे सतही एवं मास्टर ड्रेनों की भी सफाई कर उनसे गाद हटाई गई है । इसके साथ ही सतही नालों और मास्टर ड्रेन के बीच मौजूद रुकावट हटाकर दोनों को आपस में जोड़ा गया है, ताकि बारिश का पानी बिना किसी रुकावट के मेन एग्जिट प्वाइंट तक पहुंच सके।
क्षेत्र में जल निकासी को और बेहतर बनाने के लिए 300 से अधिक नई रोड, गलियों का निर्माण किया गया है। इन गलियों के माध्यम से सड़क पर जमा पानी सीधे नालों में पहुंचेगा, जिससे तेज बारिश के बाद सड़कों पर लंबे समय तक जलभराव रहने की स्थिति से राहत मिलेगी ।
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अमित गोदारा ने बताया कि मानसून से पहले सुभाष चौक क्षेत्र की पूरी जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। नालों से गाद निकालने, रोड गलियों के निर्माण तथा सतही नालों को मास्टर ड्रेन से जोड़ने जैसे कार्यों से इस क्षेत्र में वर्षा जल की निकासी पहले की तुलना में अधिक तेज़ और प्रभावी होगी।
शीतला माता रोड़ पर नहीं भरने देंगे पानी
उन्होंने बताया कि शीतला माता रोड पर भी जलभराव रोकने के लिए विशेष कार्य किए गए हैं। मंदिर की ओर स्थित सड़क के साथ मास्टर ड्रेन में जमा गाद, मलबा और अन्य रुकावटें हटाकर उसे पूरी तरह चालू कर दिया गया है, जिससे बारिश के पानी की निकासी सुचारु हो सके। इसके अलावा, बरसाती पानी को सीधे नालों तक पहुंचाने के लिए कई और रोड गलियों का भी निर्माण किया जा रहा है।
वहीं शीतला माता मंदिर के सामने वाली सड़क के साथ बने सतही नालों में गाद, मलबा तथा अनधिकृत सीवर कनेक्शनों के कारण जल निकासी बाधित रहती थी। अब इन नालों की व्यापक सफाई एवं सुधार का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है और 10 जुलाई तक इस पूरी जल निकासी व्यवस्था को सुचारु करने का लक्ष्य रखा गया है।
जीएमडीए द्वारा पूरे गुरुग्राम में मानसून की तैयारियों के तहत नालों से गाद निकालने, जल निकासी तंत्र के रखरखाव तथा आवश्यक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव की समस्या कम होगी तथा बारिश के दौरान नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी ।
सुभाष चौक और शीतला माता रोड़ पर होगी ‘जल परीक्षा’
मॉनसून के दौरान गुरुग्राम में अगर कहीं सबसे ज्यादा पानी भरता है तो वो दोनों जगहें सुभाष चौक और शीतला माता रोड़ है । भारी बारिश के दौरान इन दोनों ही इलाकों में सड़कों पर 3-3 फीट तक पानी भर जाता है । गाड़ियां पानी में तैरने लगती है इसीलिए इस साल इन दोनों ही प्वाइंट पर जीएमडीए के अधिकारियों की खास नजर है ।