School Bus रोककर छात्र को खिलौना पिस्टल से धमकाने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, फॉर्च्यूनर से दस किलोमीटर तक किया था पीछा
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई दोनों फॉर्च्यूनर गाड़ियां जब्त कर ली हैं। तलाशी के दौरान एक लकड़ी का डंडा और एक 'टॉय गन' (खिलौना पिस्टल) भी बरामद हुई है।

School Bus : साइबर सिटी की सड़कों पर रसूख और रंजिश के खतरनाक मेल ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिग्नेचर टॉवर जैसे व्यस्त इलाके में दो लग्जरी फॉर्च्यूनर गाड़ियों से स्कूल वैन का पीछा कर एक छात्र को ‘टॉय गन’ के दम पर धमकाने वाले चार युवकों को सिविल लाइंस थाना पुलिस ने धर दबोचा है।
घटना सोमवार दोपहर की है, जब 12वीं कक्षा का एक छात्र अपनी बोर्ड परीक्षा देकर स्कूल वैन से घर लौट रहा था। सिग्नेचर टॉवर बस स्टॉप के पास अचानक एक सफेद और एक काले रंग की फॉर्च्यूनर ने वैन को ओवरटेक कर रास्ता रोक लिया। चश्मदीदों के मुताबिक, गाड़ियों से उतरे युवकों ने वैन चालक पर पिस्टल तानी और छात्र को बाहर निकालने के लिए चिल्लाने लगे। शोर मचने और भीड़ जुटने पर आरोपी छात्र को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।

एसीपी क्राइम के निर्देशन में काम कर रही पुलिस टीम ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से 24 घंटे के भीतर चारों आरोपियों पंकज, नीरज, प्रिंस और हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी नीरज ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि करीब 6 महीने पहले उसके भाई लक्ष्य की पीड़ित छात्र से मामूली कहासुनी हुई थी। उसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर यह साजिश रची थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई दोनों फॉर्च्यूनर गाड़ियां जब्त कर ली हैं। तलाशी के दौरान एक लकड़ी का डंडा और एक ‘टॉय गन’ (खिलौना पिस्टल) भी बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी केवल दहशत फैलाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने असली हथियार की जगह टॉय गन का सहारा लिया।
शुरुआती सूचना फायरिंग की थी, जिसके चलते घटनास्थल पर एफएसएल (FSL), डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की टीमों को बुलाया गया। गहन जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि कोई वास्तविक गोली नहीं चली थी। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।











