Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana : मेवात में फर्ज़ी किसानों का फसल बीमा योजना के नाम पर करोड़ों का घोटाला
घोटाले के दो मुख्य मामले सामने आए हैं, जिनमें धोखाधड़ी का तरीका लगभग एक जैसा है ।

Gurugram News Network – करोड़ों किसानों को राहत देने के लिए बनी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana), नूंह जिले में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता यानी सीएम फ्लाइंग ने अपनी जांच में ₹65 लाख से अधिक के घोटाले का खुलासा किया है। वहीं अभी तीसरे मामले में भी केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही जिसके बाद ये घोटाला करोड़ों का होने की संभावना है । इस मामले में बैंक कर्मचारी, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति यानी PACS के मैनेजर और कुछ कथित लाभार्थी सीधे तौर पर शामिल हैं । मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (CM Flying Squad) ने गहन जांच के बाद नूंह में दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं, जिनमें बैंक कर्मचारियों, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (PACS) के प्रबंधकों और कथित लाभार्थियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है।
फर्जीवाड़ा कैसे हुआ?
सीएम फ्लाइंग को विश्वसनीय सूत्रों से पता चला था कि रबी फसल 2022-23 की बीमा राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है। इसके बाद टीम ने बीमा कंपनी बजाज आलियांज (Bajaj Allianz) से नूंह जिले के संबंधित आवेदनों का डेटा हासिल किया। डेटा के विश्लेषण से पता चला कि सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की विभिन्न शाखाओं के माध्यम से कई खातों में बीमा राशि भेजी गई थी। चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब इन खातों को बीमा पॉलिसी के लाभार्थी किसानों और उनकी जमीन के रिकॉर्ड से मिलाया गया।
जांच में सामने आया कि बैंक कर्मचारियों और PACS मैनेजरों ने कथित तौर पर अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने फर्जी किसान आईडी बनाईं और बड़ी मात्रा में जमीन के फर्जी मालिक दिखाकर बीमा क्लेम की रकम अपने परिचितों या मिलीभगत वाले खातों में डलवा ली। इसका सीधा मतलब यह है कि जिन असली किसानों को फसल खराब होने पर मुआवजा मिलना चाहिए था, उन्हें उनके हक की राशि से वंचित कर दिया गया।
दो बड़े मामले, एक ही पैटर्न
घोटाले के दो मुख्य मामले सामने आए हैं, जिनमें धोखाधड़ी का तरीका लगभग एक जैसा है:
पहला मामला: पिनगवां शाखा में ₹37.68 लाख का गबन यह मामला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की पिनगवां शाखा से जुड़ा है। इसमें बैंक के ‘पॉलिसी क्रिएटर’ इसाक (मोबाइल नंबर 901735****) और प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (PACS) पिनगवां के मैनेजर पर मिलीभगत का आरोप है। इन्होंने दो महिलाओं, आयशा (फिरोजपुर मेव निवासी) और सुकनत (जखाड़िया वास निवासी) को 111 हेक्टेयर (लगभग 275 एकड़) जमीन का फर्जी मालिक दिखाकर बीमा क्लेम की मोटी रकम उनके बैंक खातों में डलवा दी।
- आयशा के खाते में 69.6 हेक्टेयर जमीन के लिए ₹24,28,873 डाले गए, जबकि PACS ने उनके नाम पर केवल दो प्रीमियम रसीदें दीं और जमीन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
- सुकनत के खाते में 41.7 हेक्टेयर जमीन के लिए ₹13,39,353 का बीमा क्लेम आया। जब सीएम फ्लाइंग ने दोनों महिलाओं को जांच में शामिल होने और दस्तावेज पेश करने के लिए नोटिस भेजा, तो वे पेश नहीं हुईं, जिससे उन पर संदेह गहराया।
दूसरा मामला: मालब शाखा में ₹27.55 लाख से अधिक का फर्जीवाड़ा यह मामला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की मालब शाखा से संबंधित है। यहाँ बैंक के ‘पॉलिसी क्रिएटर’ मुबीन खान (मोबाइल नंबर 837680****) पर मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है। मुबीन खान ने कथित तौर पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी किसान आईडी बनाईं और अरसीदा (गांव मेवली निवासी) व जाहिर (गांव बहादरी निवासी) को बड़ी मात्रा में जमीन का “मालिक” दिखाकर बीमा राशि हड़पने की साजिश रची।

- अरसीदा के दो अलग-अलग खातों में कुल 55 हेक्टेयर जमीन के लिए ₹17,36,534 की बीमा राशि डाली गई, जबकि बीमा कंपनी के रिकॉर्ड में इन जमीनों के असली किसान कोई और थे।
- जाहिर के खाते में 32 हेक्टेयर जमीन के लिए ₹10,18,802 की राशि भेजी गई। सीएम फ्लाइंग द्वारा नोटिस भेजे जाने पर, अरसीदा और जाहिर भी जांच में पेश नहीं हुए और न ही कोई सबूत दिया।
पुलिस कार्रवाई और आगे की संभावनाएँ
दोनों मामलों में, आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी), 34 (साझा इरादा) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की गई हैं।
यह घोटाला प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना की कार्यप्रणाली, उसकी निगरानी प्रणाली और सरकारी धन के वितरण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सीएम फ्लाइंग लगातार इस मामले की गहराई में जा रही है और ऐसी और गड़बड़ियों के सामने आने की संभावना है। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आगे की गिरफ्तारियां और विस्तृत खुलासे होने की उम्मीद है, ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।













