8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग पर कर्मचारी संगठनों का सरकार को अल्टीमेटम, मांग पत्र में रखीं ये 7 मुख्य मांगें

8th Pay Commission : केंद्र सरकार के करीब 48 लाख कर्मचारियों और 67 लाख पेंशनभोगियों के लिए 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) अब चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है। 2026 की शुरुआत के साथ ही विभिन्न कर्मचारी संगठनों और Joint Consultative Machinery (JCM) ने सरकार को अपना विस्तृत मांग पत्र (Memorandum) सौंपना शुरू कर दिया है।

कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि 2016 के बाद से मुद्रास्फीति (Inflation) और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिसके कारण मौजूदा वेतन संरचना अपर्याप्त है।

मांग पत्र के मुख्य बिंदु (Key Demands):

मुख्य बिंदुवर्तमान स्थिति (7th CPC)कर्मचारी संगठनों की मांग (8th CPC)
न्यूनतम मूल वेतन₹18,000₹69,000 से ₹72,000
फिटमेंट फैक्टर2.573.68 से 3.83
वार्षिक वेतन वृद्धि3%5% से 6%
पेंशनअंतिम वेतन का 50%अंतिम वेतन का 67% (OPS बहाली के साथ)
HRA (X श्रेणी शहर)27% – 30%40% तक वृद्धि

 

प्रमुख मांगों का विस्तार:

1. फिटमेंट फैक्टर में भारी बढ़ोतरी: कर्मचारी संघों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को 3.83 करने की है। यदि सरकार इसे मान लेती है, तो कर्मचारियों के मूल वेतन में ढाई गुना से अधिक की वृद्धि हो सकती है। (8th Pay Commssion)

2. न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने का प्रस्ताव: नेशनल काउंसिल (JCM) ने सुझाव दिया है कि आवश्यक वस्तुओं की खुदरा कीमतों और पांच सदस्यीय परिवार की जरूरतों के आधार पर न्यूनतम वेतन ₹69,000 तय किया जाना चाहिए।

3. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली: मांग पत्र में NPS (National Pension System) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने पर विशेष जोर दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा के लिए यह अनिवार्य है।

4. भत्तों का पुनर्गठन: हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रैवल अलाउंस (TA) और अन्य भत्तों को वर्तमान महंगाई दर के हिसाब से संशोधित करने की मांग की गई है। इसके अलावा, 18 महीने के बकाया डीए (DA Arrears) के भुगतान का मुद्दा भी मांग पत्र का हिस्सा है।

5. वेतन मैट्रिक्स का सरलीकरण: संगठनों ने मांग की है कि वर्तमान पे-मैट्रिक्स के कुछ स्तरों (Levels) को आपस में मिला दिया जाए ताकि पदोन्नति और वेतन विसंगतियों को दूर किया जा सके। (8th Pay Commssion)

आगे क्या होगा?

वर्तमान में, सरकार ने MyGov पोर्टल के माध्यम से विभिन्न हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया जा सकता है। हालांकि कर्मचारी संघ दबाव बना रहे हैं कि सिफारिशों को 1 जनवरी, 2026 से ही प्रभावी रूप से लागू किया जाए और देरी होने पर एरियर (Arrears) का भुगतान सुनिश्चित हो।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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