ED Arrest : 300 करोड़ की ठगी मे बिल्डर अमित कात्याल गिरफ्तार
अमित कात्याल पर गुरुग्राम पुलिस और दिल्ली ईओडब्ल्यू में कई अन्य FIR भी दर्ज हैं। वह कृष वर्ल्ड (सेक्टर 63 गुरुग्राम) और प्रोविंस एस्टेट जैसी अन्य परियोजनाओं में भी इसी तरह की धोखाधड़ी के तरीकों के आरोपी हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

ED Arrest : रियल एस्टेट धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स एंगल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर और निदेशक अमित कात्याल को गिरफ्तार कर लिया है। कात्याल, जो कई परियोजनाओं में मुख्य आरोपी हैं, उन्हें 17 नवंबर 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया।
18 नवंबर को उन्हें विशेष न्यायालय (PMLA), गुरुग्राम में पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट ने उन्हें 6 दिन की कस्टडी रिमांड पर ED को सौंप दिया।
ED ने यह जांच गुरुग्राम पुलिस और दिल्ली ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा दर्ज की गई FIR के आधार पर शुरू की थी। मामला गुरुग्राम के सेक्टर 70 स्थित 14 एकड़ भूमि पर बन रही परियोजना ‘कृष फ्लोरेंस एस्टेट’ में फ्लैटों की डिलीवरी न होने के आरोपों से जुड़ा है।
बिना लाइसेंस फंड उगाही: आरोपी ने DTCP हरियाणा से लाइसेंस मिलने से काफी पहले ही एक अन्य डेवलपर से फर्जी तरीके से लाइसेंस प्राप्त किया और संभावित खरीदारों से पैसे जुटाना शुरू कर दिया। इस गतिविधि से उत्पन्न अपराध की कुल आय (POC) ₹300 करोड़ से अधिक है।
प्रोजेक्ट ठप: परियोजना 10 साल से अधिक समय से अधूरी पड़ी है, जिसमें केवल तीन टावर ही खड़े हो पाए हैं। इसके चलते होमबायर्स एसोसिएशन द्वारा दिवालियापन कार्यवाही (Insolvency proceedings) शुरू की गई थी।
बैंक घोटाला: आरोपी ने एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक से लिए गए महत्वपूर्ण ऋण को फर्जी लेनदेन के माध्यम से डायवर्ट किया, जिससे बैंक को करीब 80 करोड़ का भारी नुकसान हुआ।

जमीन की हेराफेरी: दिवालियापन कार्यवाही (IBC) के दौरान, कात्याल ने कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए ₹130 करोड़ मूल्य की 2 एकड़ लाइसेंस्ड भूमि को तीसरे पक्ष को बहुत कम दरों पर बेच दिया।
सरकारी कर्मचारियों की बुकिंग में धोखाधड़ी: एक अन्य परियोजना, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए थी, में भी कात्याल ने फर्जी बुकिंग की और फंड को अन्यत्र डायवर्ट कर परियोजना को रोक दिया।
अमित कात्याल पर गुरुग्राम पुलिस और दिल्ली ईओडब्ल्यू में कई अन्य FIR भी दर्ज हैं। वह कृष वर्ल्ड (सेक्टर 63 गुरुग्राम) और प्रोविंस एस्टेट जैसी अन्य परियोजनाओं में भी इसी तरह की धोखाधड़ी के तरीकों के आरोपी हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।













