Earthquake in Haryana Today : रोहतक से लेकर दिल्ली-NCR तक कांपी धरती

भूकंप का केंद्र रोहतक से लगभग 17 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व (SE) दिशा में स्थित था। राहत की बात यह रही कि तीव्रता कम थी और इसका केंद्र जमीन की सतह से केवल 5 किलोमीटर की गहराई में था

Earthquake in Haryana Today : हरियाणा के रोहतक और आसपास के जिलों में रविवार दोपहर भूकंप के झटकों ने एक बार फिर लोगों को चिंता में डाल दिया। दोपहर करीब 12:13 बजे अचानक महसूस हुई इस हलचल के बाद लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.3 मापी गई है।

केंद्र और गहराई: जमीन से महज 5 किमी नीचे थी हलचल

भूकंप का केंद्र रोहतक से लगभग 17 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व (SE) दिशा में स्थित था। राहत की बात यह रही कि तीव्रता कम थी और इसका केंद्र जमीन की सतह से केवल 5 किलोमीटर की गहराई में था, जिस कारण झटके महसूस तो किए गए लेकिन किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

2025 में ‘शेक जोन’ बना हरियाणा: आंकड़ों पर एक नजर

इस साल हरियाणा के अलग-अलग जिलों में भूकंप की सक्रियता काफी बढ़ी है। एनसीएस के रिकॉर्ड्स बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों में राज्य ने कई झटके झेले हैं:

तारीखक्षेत्रतीव्रताविशेष टिप्पणी
21 दिसंबर (आज)रोहतक3.3दोपहर 12:13 बजे झटके
1 सितंबरगुरुग्राम6.2हिंदूकुश (अफगानिस्तान) था केंद्र
10 अगस्तझज्जर3.1शाम को महसूस हुई हलचल
10 जुलाईझज्जर4.410 सेकंड तक हिली धरती, कई जिलों में असर

क्यों बार-बार कांप रहा है हरियाणा?

वैज्ञानिकों के अनुसार, हरियाणा के बार-बार हिलने के पीछे एक प्रमुख भूगर्भीय कारण है।

महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट लाइन: विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड के देहरादून से लेकर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले तक जमीन के नीचे एक ‘फॉल्ट लाइन’ (दरार) मौजूद है। जब भी पृथ्वी के भीतर टेक्टोनिक प्लेट्स में हलचल होती है, तो इस लाइन पर दबाव बनता है। प्लेट्स के आपस में टकराने या टूटने से जो ऊर्जा निकलती है, वह कंपन पैदा करती है, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं।

कैसे आता है भूकंप? (विज्ञान का नजरिया)

हमारी धरती सात बड़ी और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेटों पर टिकी है। ये प्लेट्स तरल मैग्मा पर लगातार तैरती रहती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं या रगड़ खाती हैं, तो इनके किनारे मुड़ जाते हैं। अत्यधिक दबाव बनने पर ये प्लेट्स अचानक टूटती हैं, जिससे भारी मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है। यही ऊर्जा तरंगों के रूप में सतह तक पहुँचती है और धरती हिलने लगती है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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