Dwarka Expressway Fastag Scam: घर में खड़ी कार पर भी कट रहा टोल, जांच के उठे सवाल
Fastag प्रणाली की यह गड़बड़ी केवल बिजवासन तक ही सीमित नहीं है। अन्य प्रमुख टोल प्लाजा पर भी ऐसी ही शिकायतें सामने आई हैं:

Dwarka Expressway Fastag Scam : बिजवासन टोल प्लाजा पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण वाहन मालिकों का Fastag बैलेंस लगातार कट रहा है, वह भी तब जब उनकी गाड़ियाँ उनके घर या पार्किंग में सुरक्षित खड़ी हैं। 9 नवंबर को शुरू हुए इस टोल प्लाजा के सॉफ्टवेयर में आई गंभीर खामियों ने अब ‘टोल फ्रॉड’ का रूप ले लिया है, जिससे हजारों फास्टैग उपयोगकर्ताओं के बीच दहशत फैल गई है।
साईं कुंज कॉलोनी के निवासी का मामला इस समस्या की भयावहता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि 30 नवंबर की रात को, जब उनकी एक्सएल सिक्स कार घर पर खड़ी थी, उन्हें दो बार (रात 9:57 और 10:44 बजे) बिजवासन टोल से गुजरने और वार्षिक पास से दो ट्रिप कम होने के मैसेज मिले।

शिकायत दर्ज कराने के बाद, समस्या सुलझाने के बजाय, उन्हें 330 का मासिक पास रिचार्ज होने का मैसेज मिला, जबकि उनके पास पहले से ही लंबी अवधि का वार्षिक पास मौजूद था। नागपाल ने इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई है।
कई अन्य उपयोगकर्ताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी शिकायतें साझा की हैं कि टोल पार करते समय टैग रीडर के काम न करने पर टोल कर्मियों द्वारा लिए गए कार के फोटो के कारण बाद में उनसे दोबारा टोल शुल्क काट लिया गया।

सेक्टर-102 निवासी ने बताया कि टोल प्लाजा पर टैग रीडर अक्सर काम नहीं कर रहा है। इसके एवज में, टोलकर्मी मैन्युअल रूप से मोबाइल फोन से नंबर प्लेट का फोटो लेते हैं, जिससे लेन-देन में देरी होती है, और अक्सर कुछ समय बाद गलत टोल कटने का मैसेज आता है।
Fastag प्रणाली की यह गड़बड़ी केवल बिजवासन तक ही सीमित नहीं है। अन्य प्रमुख टोल प्लाजा पर भी ऐसी ही शिकायतें सामने आई हैं:

बिनान टोल प्लाजा पर, एक उपयोगकर्ता ने शिकायत की है कि बिना टोल प्लाजा पार किए ही उनकी कार से तीसरी बार टोल शुल्क काटा गया।
घग्गर टोल प्लाजा के संबंध में एक शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें उपयोगकर्ता ने बताया कि जब वह गुरुग्राम में थे, तब उनसे टोल शुल्क काट लिया गया।
एनएचएआई अधिकारियों ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि Fastag से संबंधित किसी भी शिकायत के लिए उपयोगकर्ता टोल फ्री नंबर 1033 पर कॉल कर सकते हैं। हालांकि, पीड़ित उपयोगकर्ताओं ने एनएचएआई से स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या यह प्राधिकरण इस गंभीर तकनीकी और बैंकिंग सॉफ्टवेयर गड़बड़ी की जड़ तक जाकर इसे ठीक करने के लिए कोई ठोस और त्वरित कदम उठाएगा, ताकि निर्दोष वाहन मालिकों का पैसा अनधिकृत रूप से कटना बंद हो सके।











