Haryana में SIR की समयसीमा बढ़ाई गई, वोटर लिस्ट से कटेंगे 33 लाख नाम, गुरुग्राम में भी लाखों वोटर गायब

SIR : हरियाणा में चलाए जा रहे गहन पुर्निरीक्षण अभियान (SIR) के तहत लगभग 33 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा सकते हैं क्योंकि पूरे हरियाणा में अभियान के तहत करीब 33 लाख 36 हजार 31 मतदाता संदिग्ध श्रेणी में पाए गए हैं । इनमें वो वोटर भी शामिल हैं जो या तो मर चुके हैं या फिर वो हरियाणा छोड़कर किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं या फिर वो एक से ज्यादा वोटरकार्ड धारक हैं । इनमें कुछ ऐसे वोटर भी हैं जो निर्धारित पते पर नहीं मिलते ।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया है कि संदिग्ध मिले वोटरों को नियमानुसान हटाने की प्रक्रिया की जा रही है । मंगलवार को हरियाणा में SIR करवाने की अंतिम तारीख थी जिसको अब बढ़ाकर 24 जुलाई कर दिया गया है । हरियाणा समेत गुरुग्राम जिले की चारों विधानसभाओं में भी ऐसे लाखों वोटर हैं जिनके नाम वोटर लिस्ट से काटे जाएंगे ।
गुरुग्राम के डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उत्तम सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (एसआईआर) के कार्यक्रम में संशोधन करते हुए बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर किए जा रहे सत्यापन अभियान की अंतिम तिथि 14 जुलाई से बढ़ाकर अब 24 जुलाई 2026 कर दी गई है।
इसके साथ ही मतदान केंद्रों के रैशनलाइजेशन एवं पुनर्व्यवस्था का कार्य भी 24 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाएगा। उन्होंने जिले के सभी पात्र मतदाताओं से आह्वान किया कि जिनका सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है अथवा मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि है, वे निर्धारित अवधि के भीतर अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची को अधिक से अधिक शुद्ध, नवीनतम एवं त्रुटिरहित बनाया जा सके।
डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन किया जाएगा। इसके उपरांत 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इस अवधि में पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने, त्रुटियों का संशोधन कराने, नाम हटवाने अथवा अन्य आवश्यक परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है । उन्होंने बताया कि प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 31 जुलाई से 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने पर 3 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा ।
डीसी उत्तम सिंह ने सभी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, बीएलओ तथा संबंधित अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम के अनुसार सभी गतिविधियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए मतदाता सूची को शुद्ध, नवीनतम एवं त्रुटिरहित बनाने में जिला प्रशासन का सहयोग करें।